MP News: भोपाल। मध्य प्रदेश की मोहन सरकार प्रदेश के राजस्व अमले को हाईटेक बनाने में जुटी हुई है। अब कृषि के क्षेत्र में आधुनिक उपकरणों का उपयोग किया जाएगा। प्रदेश के ग्रामीण और शहरी क्षेत्र में कार्यरत पटवारी को प्रदेश सरकार की ई-डायरी प्रदान करेंगी। साथ ही फसल का सर्वे भी डिजिटल होगा और किसान रजिस्टर को ऑनलाइन किया जाएगा। इन तीनों बदलावों का बड़ा असर यह होगा कि पटवारी रिकॉर्ड में बदलाव आसान नहीं होगा और खसरा, खतौनी और राजस्व जमा होने आदि की जानकारी ऑनलाइन उपलब्ध होगी। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने यह निर्देश दिए हैं। इस मौके पर प्रदेश के राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा सहित विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।


MP News: बता दें कि इस साल जनवरी से मार्च तक चले राजस्व महाअभियान की सफलता के बाद 18 जुलाई से 31 अगस्त तक इसका दूसरा चरण 'चलेगा। जिसमें यह तकनीक का सहारा लिया जाएगा।  इसके बाद राजस्व से संबंधित तमाम विवादों में कमी आने की उम्मीद की जा सकतीं है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पटवारी डायरी डिजिटल की जाए। मेन्युअल डायरी प्रथा समाप्त की जाए। पीएम किसान सम्मान निधि का लाभ के लंबित प्रकरणों में ई-केवाईसी करें। अभियान की हर दिन समीक्षा की जाए, साफ-सुथरा कार्य हो, अच्छा कार्य करने वालों को पुरस्कृत किया जाएगा। 

MP News: गलती होने पर माफ नहीं किया जाएगा। कमिश्नर अपना 45 दिन का दौरा कार्यक्रम बनाएं, इसमें किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाशत नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि डिजिटल क्रॉप सर्वेक्षण एक अगस्त से 15 सितम्बर तक होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वामित्व योजना का लाभ दिए जाना सुनिश्चित किया जाए, परंतु इस बात का ध्यान रखा जाए कि इसका दुरुपयोग न हो। नदियों में रेत का अवैध उत्खनन सख्ती से रोका जाए। उन्होंने कहा कि बरसात के मौसम में होने वाली बीमारियों की रोकथाम एवं उपचार का पूरा प्रबंधन किया जाए।
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