MP News : भोपाल। केंद्रीय चुनाव आयोग ने मध्यप्रदेश में लोकतंत्र को मजबूत करने और चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए कड़ा कदम उठाया है। आयोग ने राज्य की 23 निष्क्रिय राजनीतिक पार्टियों की मान्यता रद्द कर दी है। यह कार्रवाई उन दलों के खिलाफ की गई है, जिन्होंने 2019 के बाद कोई चुनाव नहीं लड़ा और पिछले तीन वर्षों का अनिवार्य ऑडिट रिकॉर्ड जमा नहीं किया। इससे पहले भी आयोग ने इसी आधार पर मध्यप्रदेश की 15 राजनीतिक पार्टियों की मान्यता रद्द की थी।

MP News : निष्क्रिय दलों पर नकेल, पारदर्शिता पर जोर


चुनाव आयोग का यह कदम निष्क्रिय और कागजी पार्टियों पर अंकुश लगाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आयोग के अनुसार, यह कार्रवाई चुनावी प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी बनाने के लिए की गई है। राजनीतिक विश्लेषकों ने इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि इससे फर्जी या नाममात्र की पार्टियों पर रोक लगेगी और सक्रिय राजनीतिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।

आयोग ने प्रभावित दलों को अपनी बात रखने के लिए अंतिम सुनवाई का अवसर दिया था, लेकिन आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत न करने के कारण उनकी मान्यता रद्द कर दी गई। आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि कोई दल भविष्य में सक्रिय होता है, तो वह दोबारा पंजीकरण के लिए आवेदन कर सकता है।

MP News : इन दलों की मान्यता हुई समाप्त

चुनाव आयोग ने जिन 23 राजनीतिक दलों की मान्यता रद्द की है, उनकी सूची निम्नलिखित है:

आदिजन मुक्ति सेना, भोपाल

अद्वैत ईशावाश्यम कांग्रेस, सतना

अखिल दल भारतीय जन मोर्चा, भोपाल

ऑल इंडिया डेमोक्रेटिक पार्टी, भोपाल

बहुजन संघर्ष दल, ग्वालियर

भारतीय नवयुवक पार्टी, ग्वालियर

भारतीय राष्ट्रीय मजदूर, ग्वालियर

भारतीय अपना अधिकार पार्टी, ग्वालियर

भारतीय जनयुग पार्टी, ग्वालियर

भारतीय सामाजिक एकता पार्टी, रायसेन

भारतीय श्रमिक सोशलिस्ट, सतना

बृहत्तर भारत प्रजातंत्र सेवा पार्टी, पन्ना

इकबाल पार्टी, भिंड

मध्य प्रदेश नव निर्माण सेना, जबलपुर

नेशनल वाइल्ड लाइफ पंचतत्व पार्टी, शाजापुर

रहबर पार्टी, रायसेन

प्रजातांत्रिक लोकराज्य पार्टी, रीवा

राष्ट्रीय धर्मनिरपेक्ष नव भारत पार्टी, जबलपुर

राष्ट्रीय गरिमा पार्टी, भोपाल

राष्ट्रीय महा जनशक्ति पार्टी, भिंड

सर्वे भवंतु सुखिना पार्टी, सीधी

द इंपीरियल पार्टी ऑफ इंडिया, इंदौर

विश्व आदर्श भारत पार्टी, बड़वानी

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