भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा के शीतकालीन सत्र की कार्यवाही प्रश्नकाल के साथ शुरू हुई। कांग्रेस विधायक सतीश सिकरवार ने ग्वालियर जिले में अतिवृष्टि से प्रभावित किसानों के नुकसान का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि सिर्फ तीन किसानों का नुकसान दर्ज किया गया और उन्हें 15,000 रुपये का मुआवजा दिया गया, जबकि जिले की कई तहसीलों में बड़ी संख्या में किसानों को नुकसान हुआ है।

विधायक ने यह भी आरोप लगाया कि उनके सवालों के जवाब ठीक से नहीं दिए जा रहे हैं और विधायी कार्यों का सही उपयोग नहीं किया जा रहा है। संसदीय कार्यमंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने सवाल बदलने के आरोपों का खंडन करते हुए कहा कि सदन के अंदर और बाहर यह आरोप गलत हैं। उन्होंने कहा कि सदन की परंपरा और नियमों के अनुसार कार्यवाही हो रही है, और विधायकों को अपने प्रश्नों का ईमानदारी से उपयोग करना चाहिए।

विपक्षी नेता ने राहत राशि के मापदंड और वितरण पर बहस की आवश्यकता बताई। विधानसभा अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि राहत राशि के लिए मापदंड तय हैं और यदि कोई किसान उस मापदंड के अनुसार पात्र नहीं है, तो उसे राहत राशि नहीं दी जा सकती। इस प्रकार शीतकालीन सत्र में किसानों के हित और राहत राशि के मुद्दे पर गंभीर चर्चा हुई।

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