Nepal: नेपाल में बाढ़ से 734 मौतें, तिब्बत से फिर आ सकता है पानी-मलबा; 2400 से ज्यादा लापता
प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने को कहा है।
Nepal: काठमांडू। नेपाल में बाढ़ और भूस्खलन से हालात बेहद गंभीर बने हुए हैं। शनिवार शाम तक 734 शव बरामद किए जा चुके हैं। हजारों लोगों के अब भी लापता होने की जानकारी है। कई इलाकों में राहत और बचाव अभियान जारी है। इस बीच तिब्बत में दोबारा बने हालात के कारण नेपाल में एक और बड़ी बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। नेपाल सरकार की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार 2498 लोग अभी भी लापता हैं।
तिब्बत से फिर आ सकता है पानी-मलबा
बताया जा रहा है कि तिब्बत के पहाड़ी इलाके में बर्फ का हिस्सा टूटने से पहले आई बाढ़ में भारी मात्रा में पानी, मलबा और चट्टानें निचले इलाकों तक पहुंची थीं। अब दोबारा ऐसी स्थिति बनने से नदियों का जलस्तर बढ़ने और बड़े पैमाने पर मलबा आने की आशंका है। प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने को कहा है।
टनल में फंसे लोगों का रेस्क्यू मुश्किल
बाढ़ के बाद कई लोग टनल के अंदर फंसे हुए हैं। वहां मलबे की मोटी परत जमा होने से रेस्क्यू ऑपरेशन धीमा चल रहा है। भोटे कोशी नदी का बहाव बढ़ने की सूचना के बाद रासुवा, नुवाकोट और धाडिंग में भी अलर्ट जारी किया गया है।
275 से ज्यादा भारतीय लापता
भारत के विदेश मंत्रालय के अनुसार बाढ़ के बाद 275 से ज्यादा भारतीय नागरिक लापता हैं, जबकि 108 लोगों को सुरक्षित निकाला जा चुका है। भारतीय मूल के 128 लोग भी लापता बताए गए हैं। रासुवा में हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट से चार भारतीयों को बचाया गया है।
भारत ने भेजी 11 टन राहत सामग्री
भारत ने शनिवार को वायुसेना के C-130J विमान से 11 टन राहत सामग्री की चौथी खेप नेपाल भेजी। इसमें सर्च-रेस्क्यू उपकरण और तकनीकी टीम के साथ फोरेंसिक विशेषज्ञ भी शामिल हैं। DNA जांच के जरिए शवों की पहचान में नेपाली अधिकारियों की मदद की जाएगी। भारत अब तक 68.5 टन राहत सामग्री भेज चुका है।
तिब्बत में 261 विदेशी लापता
चीन के मुताबिक तिब्बत में 23 देशों के 261 विदेशी नागरिक लापता हैं। इनमें नेपाल के 104, भारत के 49, लातविया के 33, अमेरिका के 18 और ब्रिटेन के 15 नागरिक शामिल हैं। तिब्बत में मृतकों की संख्या 16 पहुंच गई है।