एम्स अध्ययन को अनुदान देगा आईसीएमआर
By : Vpb
Update: 2024-11-16 06:02 GMT
भोपाल। एम्स भोपाल के कम्युनिटी एंड फैमिली मेडिसिन विभाग की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. दीप्ति डाबर का प्रोजेक्ट भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आइसीएमआर) ने चयनित किया है। चयन इन्वेस्टिगेटर इनिशिएटेड रिसर्च प्रपोजल्स फॉर इंटरमीडिएट एक्स्ट्रामुरल ग्रांट्स के तहत किया गया है।
इस प्रोजेक्ट का नाम सर्वाइव टू थ्राइव इम्प्लीमेंटेशन रिसर्च टू इम्प्रूव डेवलपमेंटल आउटकम्स ऑफ डिसएडवांटेज्ड चिल्ड्रन इन अर्बन, रूरल, ट्राइबल एरियाज ऑफ मप्र- ए मिक्स्ड मेथड्स इंटरवेंशन स्टडी है। एम्स के निदेशक डॉ. अजय सिंह के अनुसार यह परियोजना मप्र के शहरी, ग्रामीण और जनजातीय क्षेत्रों में वंचित बच्चों के विकासात्मक परिणामों को बेहतर बनाने पर केंद्रित है। इससे वंचित समुदायों के बच्चों तक बेहतर और उनके लिए जरूरी स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने में मदद मिलेंगी।
एम्स के फार्माकोलॉजी और सामुदायिक और पारिवारिक चिकित्सा विभाग की टीम ने चिकलोद स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में दवाओं का सही तरीके से सेवन पर एक जागरुकता अभियान आयोजित किया। इसका उद्देश्य स्थानीय समुदाय को दवाइयों के पालन के महत्व के बारे में शिक्षित करना था। कार्यक्रम में 70-80 प्रतिभागियों ने भाग लिया। इस तरह के अभियान दवा पालन को बढ़ावा देने और स्वास्थ्य परिणामों में सुधार लाने में अहम भूमिका निभाते हैं।