मानवता को किया शर्मसार, पति की अर्थी उठाने के बदले रिश्तेदारों ने मांगे जमीन और पैसे, पत्नी ने खुद की अंतिम संस्कार
इस घटना ने रिश्तों में आए लालच और स्वार्थ को उजागर किया है, जहां रिश्तेदारों ने संवेदनशीलता को ताक पर रखकर जमीन और पैसे की मांग की।
By : Rohit Banchhor
Update: 2024-11-07 08:05 GMT
CG News : कोरिया। छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां एक महिला को अपने पति का अंतिम संस्कार खुद करना पड़ा क्योंकि उसके रिश्तेदारों ने जमीन और पैसे की शर्त रख दी थी। यह घटना करजी गांव की है, जहां कतवारी लाल राजवाड़े की मौत के बाद उसकी पत्नी को रिश्तेदारों के इस असंवेदनशील व्यवहार का सामना करना पड़ा।
CG News : बता दें कि कतवारी लाल राजवाड़े, जो मुंह के कैंसर से पीड़ित थे, ने लंबे इलाज के बाद दम तोड़ दिया। उनकी पत्नी ने अपनी संपत्ति तक बेचकर पति का इलाज कराया, लेकिन उसके बावजूद वह उन्हें बचा नहीं सकीं। जब अंतिम संस्कार का समय आया तो गांव वालों ने कतवारी के बड़े पापा के बेटे संतलाल से मुखाग्नि देने का आग्रह किया। लेकिन संतलाल ने इसके लिए एक लाख रुपये या 5 डिसमिल जमीन की शर्त रख दी। पत्नी ने उन्हें 15 हजार रुपये देने का प्रस्ताव दिया, लेकिन संतलाल ने इसे ठुकरा दिया।
CG News : पत्नी ने खुद दिया पति को अंतिम विदाई
रिश्तेदारों की इस मांग के सामने बेबस होकर पत्नी ने खुद अपने पति का अंतिम संस्कार करने का निर्णय लिया। उसने न सिर्फ अपने पति की अर्थी को कंधा दिया बल्कि सभी धार्मिक रीति-रिवाजों का पालन करते हुए उसे मुखाग्नि भी दी। इस तरह एक पत्नी ने अपने पति का अंतिम साथ निभाया, उसकी अंतिम विदाई तक।
CG News : पत्नी की पीड़ा और मजबूरी
कतवारी की पत्नी ने कहा कि अगर वह अपनी जमीन रिश्तेदारों को दे देती, तो उसके पास जीवनयापन का कोई साधन नहीं बचता। उसने अपने पति का इलाज करने के लिए हर संभव प्रयास किया, लेकिन अंततः उसे अपने पति को अकेले ही विदाई देनी पड़ी। इस घटना ने रिश्तों में आए लालच और स्वार्थ को उजागर किया है, जहां रिश्तेदारों ने संवेदनशीलता को ताक पर रखकर जमीन और पैसे की मांग की।