नई दिल्ली/मुंबई। gold price today: कैलेंडर वर्ष 2024 निवेश के लिहाज से अत्यधिक सकारात्मक रहा है। इस वर्ष सोना, चांदी और घरेलू शेयर बाजारों ने उच्चतम स्तर के कई रिकॉर्ड बनाए हैं। हालांकि, पिछले दो महीनों में इनकी कीमतों में कुछ नरमी देखी गई, फिर भी इन निवेशों ने वार्षिक आधार पर सकारात्मक रिटर्न दिया है।

gold price today: 2025 में 90 हजार रुपये तक पहुंच सकता है सोना

पूरे साल के दौरान सोना और चांदी ने प्रमुख घरेलू सूचकांकों जैसे सेंसेक्स और निफ्टी से बेहतर प्रदर्शन किया। 2024 के दौरान, सोने ने 23.41 प्रतिशत और चांदी ने 14.12 प्रतिशत का रिटर्न दिया। 1 जनवरी 2024 को दिल्ली सर्राफा बाजार में सोने की कीमत 63,970 रुपये प्रति 10 ग्राम थी, जो 31 दिसंबर 2024 को 78,950 रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गई।

gold price today: इसी तरह, चांदी का मूल्य 1 जनवरी को 78,600 रुपये प्रति किलोग्राम था, जो 31 दिसंबर 2024 को 89,700 रुपये प्रति किलोग्राम हो गया। इस वर्ष सोने और चांदी की कीमतों में तेज़ी के पीछे एक बड़ा कारण वैश्विक केंद्रीय बैंकों द्वारा सोने की खरीदारी रही है। आरबीआई ने 2024 के पहले 10 महीनों में 77 टन सोना खरीदा, जिसमें से 27 टन केवल अक्टूबर में खरीदी गई।

gold price today: 2025 में सोने की कीमतें 90,000 रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच सकती हैं। सुरक्षित निवेश के रूप में सोने के प्रति बढ़ती मांग, भू-राजनीतिक तनाव और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताएं इसके भाव को और बढ़ा सकती हैं। केंद्रीय बैंकों की खरीदारी और नरम मौद्रिक नीति भी इसके भाव को ऊंचा रखेगी।

gold price today: 2024 में सेंसेक्स का प्रदर्शन कैसा रहा

2024 में सेंसेक्स ने 8.11 प्रतिशत और निफ्टी ने 18.75 प्रतिशत रिटर्न दिया। 1 जनवरी 2024 को सेंसेक्स 72,271 अंक पर था, जो 31 दिसंबर 2024 को 78,139 अंक तक पहुंच गया। निफ्टी का प्रदर्शन भी शानदार रहा, जो 1 जनवरी 2024 को 21,741 अंक पर था और 31 दिसंबर को 23,644 अंक पर पहुंच गया। 2024 के दौरान सेंसेक्स ने 85,978 और निफ्टी ने 26,277 के उच्चतम स्तर को छुआ।

gold price today: 77.66 लाख करोड़ रुपये बढ़ी निवेशकों संपत्ति

शेयर बाजारों में उछाल के चलते निवेशकों की संपत्ति में 77.66 लाख करोड़ रुपये की वृद्धि हुई, जिससे बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों का बाजार पूंजीकरण 441.95 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया। 2023 में निवेशकों की संपत्ति में 81.90 लाख करोड़ रुपये की वृद्धि हुई थी।

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