छत्तीसगढ़ में विपणन निगम में भ्रष्टाचार का खुलासा, एसीबी-ईओडब्ल्यू ने किया 9 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज...
यह कार्रवाई प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की जांच के बाद की गई है, जिसमें भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी के गंभीर आरोप लगे हैं।
By : Rohit Banchhor
Update: 2024-10-21 06:40 GMT
Raipur City News : रायपुर। छत्तीसगढ़ में एक बड़े मनी लांड्रिंग और भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है, जिसमें छत्तीसगढ़ राज्य विपणन निगम लिमिटेड (सीएसएमसीएल) के तत्कालीन डिप्टी जनरल मैनेजर (डीजीएम) नवीन प्रताप सिंह तोमर सहित 9 लोगों के खिलाफ एसीबी और ईओडब्ल्यू में मामला दर्ज किया गया है। यह कार्रवाई प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की जांच के बाद की गई है, जिसमें भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी के गंभीर आरोप लगे हैं।
Raipur City News : बता दें कि ईडी द्वारा की गई छापेमारी में नवीन प्रताप सिंह तोमर के कार्यालय से 28.80 लाख रुपए की नगदी जब्त की गई थी। जांच में यह भी खुलासा हुआ कि तोमर बिलों को पास करने के बदले 8 प्रतिशत की दर से रिश्वत लेता था। यह रिश्वतखोरी का सिलसिला निगम के विभिन्न टेंडरों और आपूर्तिकर्ताओं के साथ जारी था, जिन्हें अपनी जमा बिल राशि को पास करवाने के लिए मजबूर किया गया।
Raipur City News : इस मामले में एसीबी और ईओडब्ल्यू ने नवीन प्रताप सिंह तोमर सहित बीआर लोहिया, अजय लोहिया, अभिषेक कुमार सिंह, तिजउराम निर्मलकर, नीरज कुमार, देवांश देवांगन, जितेन्द्र कुमार निर्मलकर, लोकेश्वर प्रसाद सिन्हा के खिलाफ एफआईआर दर्ज किया है।
Raipur City News : ईओडब्ल्यू के अनुसार इस भ्रष्टाचार रैकेट की गहराई तक जांच की जा रही है और उम्मीद की जा रही है कि इस मामले में और भी लोग दोषी पाए जा सकते हैं। अधिकारियों का मानना है कि यह रैकेट एक संगठित तरीके से काम कर रहा था और इससे जुड़ी गतिविधियों की पूरी जांच के बाद कई और नाम सामने आ सकते हैं।