Chyawanprash : भारत के इस राज्य में बनता है सबसे महंगा च्यवनप्राश, कीमत जानकार हो जाएंगे हैरान, पढ़ें पूरी खबर...

ऐसा माना जाता है कि सबसे पहले च्यवनप्राश का आविष्कार च्यवन ऋषि ने किया था।

Update: 2024-10-06 10:26 GMT
Chyawanprash : डेस्क न्यूज। च्यवनप्राश एक पारंपरिक आयुर्वेदिक उत्पाद है, जिसका सेवन लोग इम्यूनिटी बढ़ाने और बीमारियों से बचने के लिए करते हैं। यूं तो बाजार में कई ब्रांडेड च्यवनप्राश उपलब्ध हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि दुनिया का सबसे महंगा च्यवनप्राश झारखंड के पलामू जिले में तैयार होता है? यह च्यवनप्राश न केवल स्वास्थ्य के लिए लाभदायक है, बल्कि इसकी कीमत इतनी अधिक है कि सुनकर आप हैरान रह जाएंगे।



Chyawanprash : कहां तैयार होता है ये खास च्यवनप्राश?
यह अद्वितीय च्यवनप्राश पलामू के निवासी और आयुर्वेद के जानकार शिव कुमार पांडेय द्वारा बनाया जाता है। यह च्यवनप्राश, जिसे केसर च्यवनप्राश के नाम से जाना जाता है, दुनिया का सबसे महंगा च्यवनप्राश माना जाता है। इसकी कीमत लगभग 5 लाख रुपये प्रति किलो है, जबकि मात्र 10 ग्राम की कीमत 5,000 रुपये होती है।


Chyawanprash :
च्यवनप्राश की विशेषताएँ-
शिव कुमार पांडेय ने बताया कि इस खास च्यवनप्राश को बनाने में केसर, मुनक्का और लौंग का सत्व उपयोग किया जाता है। इसे तैयार करने में करीब दो महीने का समय लगता है। एक किलो च्यवनप्राश बनाने के लिए करीब 750 ग्राम केसर, 150 ग्राम लौंग का सत्व और 100 ग्राम मुनक्का का सत्व इस्तेमाल किया जाता है।


Chyawanprash : शक्तिवर्धक और स्वास्थ्य वर्धक-
इस च्यवनप्राश की तासीर गर्म होती है, जिससे शरीर में ताकत आती है और यह कई रोगों को ठीक करने में सहायक होता है। इसे सेवन करने से हृदय रोग, मस्तिष्क संबंधी समस्याएं, गठिया और साइटिका जैसी समस्याओं से निजात मिलती है। इसके साथ ही, लौंग और मुनक्का का सत्व भी इसे और अधिक प्रभावशाली बनाता है, जिससे रक्त संचार और श्वास नली बेहतर होती है।


Chyawanprash : च्यवन ऋषि से जुड़ी उत्पत्ति-
ऐसा माना जाता है कि सबसे पहले च्यवनप्राश का आविष्कार च्यवन ऋषि ने किया था। उसी समय से च्यवनप्राश का महत्व और आयुर्वेदिक उपयोग शुरू हुआ, जिसमें केसर च्यवनप्राश भी शामिल था।


Chyawanprash : कीमत क्यों है इतनी ज्यादा?
इस च्यवनप्राश की ऊँची कीमत का कारण इसमें उपयोग होने वाला केसर है, जो इसे अन्य च्यवनप्राश से अलग बनाता है। केसर एक दुर्लभ और महंगी सामग्री है, जो इस च्यवनप्राश की कीमत को इतना ऊँचा बनाती है। इस च्यवनप्राश को खाने से न केवल शरीर में शक्ति आती है, बल्कि यह रक्त संचार को दुरुस्त करने, बीमारियों को दूर करने और अंगों में जोश भरने में भी मदद करता है।
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