रजनीश सिंह/मुंगेली: छत्तीसगढ़ के कर्मचारी अब सरकार को घेरने लगे हैं। अनियमिति कर्मचारी फेडरेशन की ध्यानाकर्षण रैली के बाद अब संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर हड़ताल करने का निर्णय लिया है। वहीं मुंगेली जिले के छत्तीसगढ़ प्रदेश एनएचएम कर्मचारी संघ के पदाधिकारी एवं कर्मचारी रायपुर रवाना हो गए हैं। उन्होंने एनएचएम जिंदाबाद का नारा लगाए हुए नजर आए। बता दें कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के संविदा कर्मचारी अपनी 18 सूत्रीय मांगों को लेकर 22 और 23 जुलाई को हड़ताल करेंगे।


राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन संघ 22 व 23 जुलाई को रायपुर में लंबित 27 प्रतिशत वेतन वृद्धि और नियमितीकरण समेत 18 मांगों को लेकर हड़ताल कर रहे हैं।

इससे जिले के सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, आयुष्मान आरोग्य मंदिर (उप स्वास्थ्य केंद्र) की स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित रहेंगी। वहीं मरीजों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।

कर्मचारियों ने लंबित 27 प्रतिशत वेतन वृद्धि और नियमितिकरण समेत 18 सूत्रीय मांगों के निराकरण की मांग की है। इसको लेकर प्रदेश स्तरीय दो दिवसीय धरना प्रदर्शन किया जा रहा है। इसको लेकर सीएमएचओ को ज्ञापन सौंपा है।

इन कर्मचारियों को मिला लाभ

बता दें कि पिछले साल जुलाई 2023 में बजट सत्र हुआ था। जहां अनुपूरक बजट में 37000 संविदा कर्मचारियों को 27 प्रतिशत वेतन वृद्धि प्रदान की थी। कर्मचारियों ने बताया कि वेतन वृद्धि का लाभ स्वच्छता मिशन, मनरेगा, समग्र शिक्षा विभाग के कर्मचारियों को मिला है। जबकि 15000 संविदा कर्मचारियों को 27 प्रतिशत वेतन वृद्धि का लाभ अभी तक नहीं मिला है।

इन विभागों के काम होंगे प्रभावित
संविदा कर्मचारियों के आंदोलन से कई सरकारी काम प्रभावित हो रहे हैं। इसके अलावा हेल्थ विभाग और अस्पताल में भी इसका असर देखने को मिल रहा है।

जहां प्रबंधकीय कार्य, रिपोर्टिंग, ओपीडी, आईपीडी, संस्थागत प्रसव, टीकाकरण, पोषण पुनर्वास केंद्र, राष्ट्रीय कार्यक्रम टीबी टेस्ट, एनसीडी, आरबीएसके, जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्र, दवाई वितरण, मलेरिया, गर्भवती महिलाओं का रूटीन टेस्ट, एचआईवी एड्स टेस्ट जांच और काउंसलिंग, डायरिया नियंत्रण पखवाड़ा कार्यक्रम आदि प्रभावित हो रहे हैं।

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