Supriya Shrinate National Flag Controversy Case: रायपुर में सुप्रिया श्रीनेत और नेहा सिंह राठौर के खिलाफ FIR, भाजपा नेताओं का पुराना वीडियो स्वतंत्रता दिवस का बताकर शेयर करने का आरोप

Supriya Shrinate National Flag Controversy Case: रायपुर। कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर नेहा सिंह राठौर के खिलाफ रायपुर के सिविल लाइन थाने में FIR दर्ज की गई है।

Update: 2026-08-18 05:14 GMT

Supriya Shrinate National Flag Controversy Case: रायपुर। कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर नेहा सिंह राठौर के खिलाफ रायपुर के सिविल लाइन थाने में FIR दर्ज की गई है। दोनों पर सोशल मीडिया के जरिए कथित तौर पर भ्रामक वीडियो और तस्वीरें प्रसारित करने का आरोप है। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 336(4), 353(2) और 196 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

मामला 15 अगस्त को सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो और कुछ तस्वीरों से जुड़ा है। इन पोस्ट में दावा किया गया था कि धमतरी जिले के कुरूद में भाजपा नेताओं ने स्वतंत्रता दिवस के मौके पर राष्ट्रीय ध्वज की जगह भाजपा का झंडा फहराया।

भाजपा नेता ने दर्ज कराई शिकायत

भाजपा प्रदेश प्रवक्ता और लाभांडी निवासी उज्जवल दीपक ने 17 अगस्त को साइबर क्राइम और सिविल लाइन थाने में लिखित शिकायत दी थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो और तस्वीरें स्वतंत्रता दिवस की नहीं हैं, बल्कि 22 मार्च 2026 को आयोजित पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाअभियान से संबंधित हैं।

शिकायतकर्ता के मुताबिक, पुराने वीडियो और तस्वीरों को नए संदर्भ में प्रस्तुत कर भाजपा और उसके जनप्रतिनिधियों की छवि खराब करने का प्रयास किया गया।

इन धाराओं में दर्ज हुआ केस

पुलिस ने प्रारंभिक जांच के बाद BNS की धारा 336(4), 353(2) और 196 के तहत मामला दर्ज किया है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि स्वतंत्रता दिवस जैसे राष्ट्रीय अवसर से जोड़कर कथित भ्रामक सामग्री प्रसारित करने से लोगों में गलत जानकारी फैल सकती है और सामाजिक एवं राजनीतिक तनाव बढ़ सकता है।

डिजिटल साक्ष्यों की जांच होगी

उज्जवल दीपक ने पुलिस से संबंधित सोशल मीडिया पोस्ट, वीडियो, तस्वीरों और कमेंट समेत अन्य डिजिटल साक्ष्यों को सुरक्षित रखने की मांग की है। साथ ही पोस्ट के तकनीकी स्रोत की जांच और संबंधित सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से मेटाडाटा हासिल करने की मांग भी की गई है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। 

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