CG News : रायपुर। स्वतंत्रता दिवस से पहले छत्तीसगढ़ की जेलों में अच्छा आचरण और अनुशासन बनाए रखने वाले सजायाफ्ता कैदियों के लिए नई शुरुआत का रास्ता खुला है। प्रदेश की पांच केंद्रीय जेलों से कुल 100 कैदियों को रिहा करने की प्रक्रिया शुरू की गई है। इसी क्रम में रायपुर सेंट्रल जेल से शुक्रवार को 9 बंदियों को रिहा किया गया।

जेल से बाहर निकलते समय कई रिहा हुए बंदियों के हाथों में श्रीमद्भगवद्गीता नजर आई। बंदियों ने जेल की चारदीवारी से बाहर निकलने के बाद समाज की मुख्यधारा में लौटकर नई जिंदगी शुरू करने की उम्मीद जताई।

पांच केंद्रीय जेलों से होगी रिहाई

स्वतंत्रता दिवस से पहले प्रदेश की पांच केंद्रीय जेलों से कुल 100 सजायाफ्ता बंदियों को रिहा किया जाना है। इनमें बिलासपुर सेंट्रल जेल से 48 कैदी, रायपुर सेंट्रल जेल से 20 कैदी, दुर्ग सेंट्रल जेल से 16 कैदी, अंबिकापुर सेंट्रल जेल से 8 कैदी व जगदलपुर सेंट्रल जेल से 9 कैदी शामिल हैं। रायपुर सेंट्रल जेल के 9 बंदियों की रिहाई हो चुकी है, जबकि बाकी बंदियों को 15 अगस्त से पहले निर्धारित प्रक्रिया के तहत रिहा किया जाएगा।

अच्छे आचरण का मिला लाभ

रिहाई के लिए ऐसे बंदियों का चयन किया गया है, जिन्होंने जेल में सजा काटने के दौरान अच्छा व्यवहार, अनुशासन और आचरण बनाए रखा। इस पहल को बंदियों के सुधार और उन्हें समाज की मुख्यधारा में दोबारा जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

गीता हाथ में, नई जिंदगी की उम्मीद

रायपुर जेल से बाहर आए बंदियों के चेहरे पर आजादी और नई शुरुआत की उम्मीद दिखाई दी। हाथों में श्रीमद्भगवद्गीता और मन में बेहतर भविष्य की आस के साथ उन्होंने जेल की चारदीवारी से बाहर कदम रखा। स्वतंत्रता दिवस से पहले मिलने वाली यह रिहाई उनके लिए सिर्फ जेल से बाहर आने का मौका नहीं, बल्कि समाज में नई पहचान और नई जिंदगी शुरू करने की उम्मीद भी है।

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