CG News : बस्तर तिरंगा यात्रा में दिखेगा देशभक्ति का रंग, 90 से ज्यादा गांवों में पहली बार फहराया जाएगा तिरंगा
12 से 14 अगस्त तक नारायणपुर से दंतेवाड़ा और बीजापुर तक निकलेगी यात्रा, नक्सल हिंसा प्रभावित इलाकों में शहीदों को नमन कर जुटाई जाएगी पवित्र माटी।
CG News : रायपुर। छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग में इस बार स्वतंत्रता दिवस का जश्न खास अंदाज में मनाया जाएगा। उप मुख्यमंत्री और गृह मंत्री विजय शर्मा ने रायपुर में पत्रकार वार्ता के दौरान बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के तहत 12 से 14 अगस्त तक तीन दिवसीय ‘बस्तर तिरंगा यात्रा’ निकाली जाएगी।
सरकार के मुताबिक, नक्सल प्रभावित रहे बस्तर के कई इलाकों में हालात बदलने के बाद इस बार स्वतंत्रता दिवस पर देशभक्ति का उत्साह और व्यापक रूप से देखने को मिलेगा। यात्रा के जरिए उन इलाकों तक भी तिरंगा पहुंचाने की तैयारी है, जहां लंबे समय तक राष्ट्रीय पर्वों का आयोजन चुनौतीपूर्ण रहा।
नारायणपुर से शुरू होगी यात्रा
उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा के अनुसार, 12 अगस्त को नारायणपुर से यात्रा की शुरुआत होगी। करीब 150 किलोमीटर का सफर तय करने के बाद यात्रा दंतेवाड़ा पहुंचेगी। इसके बाद 13 अगस्त को दंतेवाड़ा से बीजापुर और 14 अगस्त को बीजापुर से यात्रा आगे बढ़ेगी। आवापल्ली, उसूर, कलगम और ताड़पाला होते हुए यात्रा कारिकुत्तलु पहाड़ी के नीचे समाप्त होगी। यात्रा में पुलिस अधिकारियों के साथ युवा, जनजातीय समाज के प्रतिनिधि और स्थानीय नागरिक भी शामिल होंगे।
90 से ज्यादा गांवों में पहली बार फहरेगा तिरंगा
विजय शर्मा ने बताया कि जनवरी 2024 से बस्तर के कई दुर्गम और अंदरूनी इलाकों में राष्ट्रीय पर्व मनाए जा रहे हैं। इस बार संभाग के 90 से अधिक गांवों में आजादी के बाद पहली बार स्वतंत्रता दिवस पर तिरंगा फहराया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह बदलाव बस्तर में शांति और सुरक्षा की दिशा में हुए प्रयासों का परिणाम है। हालांकि, नक्सलवाद को लेकर उप मुख्यमंत्री ने सरकार की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए कहा कि बस्तर में अब राष्ट्रीय ध्वज के सम्मान के साथ स्वतंत्रता दिवस मनाने का माहौल बना है।
नक्सल हिंसा में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि
‘बस्तर तिरंगा यात्रा’ को नक्सल हिंसा में जान गंवाने वाले ग्रामीणों और सुरक्षा बलों के जवानों को श्रद्धांजलि देने से भी जोड़ा गया है। उप मुख्यमंत्री ने बताया कि यात्रा के दौरान वे 31 ऐसे स्थानों पर जाएंगे, जहां नक्सली हिंसा की घटनाएं हुई थीं। इनमें चिंगावरम, एर्राबोर और मणीकोंटा जैसे स्थान शामिल हैं। ताड़मेटला में भी शहीद जवानों को श्रद्धांजलि दी जाएगी। वहीं, 15 अगस्त को उप मुख्यमंत्री झीरम घाटी पहुंचकर शहीदों को नमन करेंगे।
हिंसा प्रभावित इलाकों की मिट्टी से बनेगा स्मारक
यात्रा के दौरान नक्सल हिंसा से प्रभावित विभिन्न स्थानों से पवित्र माटी एकत्र करने की योजना भी है। सरकार के मुताबिक, इस मिट्टी का इस्तेमाल रायपुर में प्रस्तावित राज्य स्तरीय शहीद स्मारक और संग्रहालय में किया जाएगा। इसके अलावा मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर बस्तर संभाग के 500 से अधिक स्कूलों, चौक-चौराहों और सामुदायिक भवनों का नाम अमर बलिदानियों के नाम पर किए जाने की घोषणा करेंगे।
सरकार का कहना है कि ‘बस्तर तिरंगा यात्रा’ सिर्फ एक यात्रा नहीं, बल्कि उन लोगों को याद करने और बस्तर में राष्ट्रीय एकता व देशभक्ति की भावना को मजबूत करने का प्रयास है, जिन्होंने हिंसा के दौर में अपना जीवन गंवाया।