Raipur City Crime : रिलायंस ज्वेलर्स में 17.50 लाख की सोना हेराफेरी का खुलासा, पूर्व कर्मचारी गिरफ्तार, 80 ग्राम गोल्ड और फर्जी बिल जब्त

Update: 2026-08-03 15:38 GMT

Raipur City Crime : रायपुर। राजधानी रायपुर के गोलबाजार स्थित रिलायंस ज्वेलर्स में लाखों रुपये के सोने के आभूषणों की सुनियोजित हेराफेरी का पुलिस ने खुलासा किया है। मामले में कंपनी के एक पूर्व कर्मचारी को गिरफ्तार किया गया है। आरोपी की निशानदेही पर करीब 80 ग्राम सोने के आभूषण, फर्जी बिल और एक मोबाइल फोन बरामद किया गया है। पुलिस के अनुसार, कंपनी को इस हेराफेरी से लगभग 17.50 लाख रुपये का नुकसान हुआ है।

गोलबाजार थाना में रिलायंस ज्वेलर्स के स्टोर मैनेजर की शिकायत पर मामला दर्ज किया गया। शिकायत में बताया गया कि स्टोर में रखे 103.832 ग्राम वजन के तीन सेट (पांच नग) 22 कैरेट सोने के कंगनों की जगह समान वजन और डिजाइन के नकली कंगन रख दिए गए थे, जबकि असली आभूषण गायब थे।

डीसीपी सेंट्रल जोन तारकेश्वर पटेल के निर्देशन में परिवीक्षाधीन उप पुलिस अधीक्षक अमित कोसमा और थाना प्रभारी स्वराज त्रिपाठी के नेतृत्व में जांच शुरू की गई। स्टॉक ऑडिट, दस्तावेजी साक्ष्य, तकनीकी विश्लेषण और पूछताछ के बाद संदेह स्टोर के पूर्व कर्मचारी मनोज यादव पर गया। शुरुआत में आरोपी पुलिस को गुमराह करता रहा, लेकिन साक्ष्यों के सामने उसने हेराफेरी की बात स्वीकार कर ली।

ऐसे देता था वारदात को अंजाम

पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी वर्ष 2017 से रिलायंस ज्वेलर्स में कार्यरत था और स्टोर की पूरी कार्यप्रणाली से अच्छी तरह परिचित था। आर्थिक तंगी और कर्ज के चलते उसने पहले ग्राहकों की जमा राशि का निजी उपयोग किया। बाद में ग्राहकों को आभूषण देने के लिए स्टोर से असली सोने के कंगन निकालकर उनकी जगह समान वजन और डिजाइन के नकली कंगन रख दिए।

जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी कंपनी की अधिकृत गोल्ड मेल्टिंग प्रक्रिया का फायदा उठाकर आधिकारिक यूनिफॉर्म में स्वर्ण शोधन केंद्र पहुंचता था। वहां असली सोने को गलवाकर उसका उपयोग अन्य लेन-देन में करता रहा, जिससे लंबे समय तक किसी को शक नहीं हुआ।

महिला ग्राहकों से भी की धोखाधड़ी

पुलिस के अनुसार, आरोपी ने मासिक जमा योजना से जुड़ी दो महिला ग्राहकों के साथ भी धोखाधड़ी की। उन्हें फर्जी बिलों के जरिए आभूषण सौंपे गए और वास्तविक स्थिति छिपाने का प्रयास किया गया। रिलायंस ज्वेलर्स से सत्यापन के दौरान ये बिल फर्जी पाए गए, जिसके बाद मामले में बीएनएस की अतिरिक्त धाराएं भी जोड़ी गईं।

मोबाइल जांच में हुआ बड़ा खुलासा

आरोपी के मोबाइल की फोरेंसिक जांच में यह भी पता चला कि वह पुलिस जांच, गिरफ्तारी, जमानत और पूछताछ से बचने के तरीकों की जानकारी इंटरनेट और AI आधारित प्लेटफॉर्म के माध्यम से जुटा रहा था। पुलिस अब उसके आर्थिक लेन-देन, अन्य संभावित पीड़ितों और किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता की भी जांच कर रही है।

पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर करीब 80 ग्राम सोने के आभूषण, जिनकी कीमत लगभग 14.50 लाख रुपये बताई जा रही है, एक मोबाइल फोन और फर्जी दस्तावेज जब्त किए हैं। आरोपी को न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। मामले की विस्तृत जांच जारी है।

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