CG News: नकटी में विधायक कॉलोनी का कोई प्रस्ताव नहीं, कांग्रेस ने फैलाया फेक नैरेटिव: अनुराग सिंहदेव, बलौदाबाजार जैसी घटना दोहराने की कोशिश

उन्होंने कहा कि संबंधित जमीन अभी भी राजस्व विभाग के पास है।

Update: 2026-07-05 15:18 GMT

CG News: रायपुर। राज्य हाउसिंग बोर्ड के अध्यक्ष अनुराग सिंहदेव ने रविवार को साफ किया कि नकटी में विधायक कॉलोनी बनाने का कोई प्रस्ताव नहीं है। कुशाभाऊ ठाकरे परिसर में पत्रकारों से चर्चा के दौरान सिंहदेव ने नकटी विवाद पर वस्तुस्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि संबंधित जमीन अभी भी राजस्व विभाग के पास है।

सिंहदेव ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि विपक्षी दल ने 'फेक नैरेटिव' (झूठी कहानी) गढ़कर जनभावनाओं को भड़काने का काम किया है, जो पूरी तरह से एक आपराधिक कृत्य है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में बलौदाबाजार जैसी हिंसक घटना की पुनरावृत्ति करने की सोची-समझी कोशिश की गई।

सिंहदेव ने बताया कि कांग्रेस शासनकाल के दौरान तत्कालीन आवास एवं पर्यावरण मंत्री मोहम्मद अकबर ने वहां कॉलोनी निर्माण के लिए जमीन देने का प्रस्ताव रखा था। इसके विपरीत, वर्तमान भाजपा सरकार में 2 फरवरी 2026 को आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओपी चौधरी ने विधायकों की समिति को लिखित रूप से अवगत करा दिया था कि हाउसिंग बोर्ड के पास ऐसी कोई जमीन उपलब्ध नहीं है।

सिंहदेव ने सवाल उठाया कि, जब जमीन अभी भी राजस्व विभाग के पास है, इसे किसी अन्य विभाग को आवंटित नहीं किया गया है और न ही वहां किसी प्रकार का आवास निर्माण प्रस्तावित है, तो फिर यह विवाद किस आधार पर खड़ा किया गया? उन्होंने कहा कि पूरा विवाद कोरी अफवाह और झूठी राजनीति पर आधारित है, जिसका मकसद केवल प्रदेश में अराजकता फैलाना है।

नकटी के 66 कब्जाधारियों का नवा रायपुर में पुनर्वास-

हाउसिंग बोर्ड अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि नकटी में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई पूरी तरह से जिला प्रशासन की थी, जो अवैध कब्जों की शिकायतों पर नियमित प्रक्रिया के तहत की गई। सरकार ने संवेदनशीलता दिखाते हुए 66 अवैध कब्जाधारियों को नवा रायपुर के सेक्टर-30 में सर्वसुविधायुक्त मकान उपलब्ध कराए हैं, जिनकी रजिस्ट्री भी जल्द ही उनके नाम कर दी जाएगी। इन मकानों में बिजली-पंखे की सुविधा है और प्रशासन फिलहाल उनके भोजन की व्यवस्था भी कर रहा है। उन्होंने बताया कि कुछ लोग कांग्रेस के बरगलावे में आकर मकान नहीं ले रहे हैं, जबकि बाकी लोगों ने अपने नए आवास में सामान शिफ्ट कर लिया है।

भूपेश सरकार के समय सेरीखेड़ी में उजाड़े गए थे लोग-

पूर्ववर्ती सरकार पर निशाना साधते हुए सिंहदेव ने कहा कि सेरीखेड़ी में करीब डेढ़ सौ अवैध कब्जों को बलपूर्वक हटाया गया था और बाद में 61 विधायकों को वहां जमीन आवंटित की गई, लेकिन तब कांग्रेस ने किसी भी अतिक्रमणकारी का पुनर्वास नहीं किया। यही नहीं, नवा रायपुर के 27 गांवों में मुआवजे की मांग को लेकर 292 दिनों तक आंदोलन चला, लेकिन तत्कालीन भूपेश सरकार ने किसानों की कोई सुनवाई नहीं की।

आंदोलन के दौरान सियाराम पटेल की मृत्यु हो गई, जिनके परिजनों को केवल 4 लाख रुपए का मुआवजा दिया गया। सिंहदेव ने कांग्रेस की इस राजनीति को नकारात्मक और आपराधिक बताते हुए सरकार से मामले में कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

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