CG News : गौरीशंकर गुप्ता,घरघोड़ा। जब शासन प्रशासन अपने कर्तव्यों के प्रति लापरवाह हो जाता है, तो परिणाम स्वरूप अफसरशाही की मिलीभगत से सरकारी भूमि पर अतिक्रमण की घटनाएं बढ़ने लगती हैं। ऐसा ही एक मामला घरघोड़ा तहसील क्षेत्र में सामने आया है, जहां सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे की स्थिति गंभीर होती जा रही है।

CG News : 425/1 भूमि पर भू-माफिया का कब्जा-

घरघोड़ा वार्ड क्रमांक 01, कसैया रेलवे ब्रिज से लगे जशपुर मुख्य मार्ग पर शासकीय भूमि प.0.22 ख.न. 425/1, जो लगभग दो एकड़ से अधिक क्षेत्र में फैली है, पर सफेदपोश व्यक्तियों द्वारा अतिक्रमण किया जा रहा है। इस भूमि को फेसिंग तार से घेरकर कब्जा करने की कोशिश की जा रही है। यह अतिक्रमण बिना प्रशासनिक मदद के संभव नहीं हो सकता, जिससे स्पष्ट होता है कि इस कार्य में प्रशासनिक अधिकारियों की चुप्पी और मिलीभगत का हाथ हो सकता है।

CG News : प्रशासन की लापरवाही और अफसरशाही की साठगांठ-

तहसीलदार, पटवारी और राजस्व अधिकारी, जो इस अतिक्रमण को रोकने के लिए जिम्मेदार हैं, ने अब तक इस मामले में कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। जशपुर हाइवे पर प्रतिदिन गुजरने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के होते हुए भी इस अवैध कब्जे पर कोई कार्रवाई नहीं की गई है। यह सवाल उठाता है कि क्या प्रशासन, अफसरशाही की मिलीभगत से इस अतिक्रमण पर आंखें मूंदे बैठा है?

CG News : सरकार और प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की अपील-

जनता की शिकायतों के बावजूद, स्थानीय प्रशासन और राज्य शासन ने इस गंभीर मामले में कोई कार्रवाई नहीं की है। इससे स्पष्ट होता है कि शासन और प्रशासन दोनों ही लापरवाही से काम कर रहे हैं। इस बीच, घरघोड़ा क्षेत्र के निवासी और समाजसेवी इस मामले में जिला कलेक्टर कार्तिकेय गोयल से उच्च स्तरीय जांच की अपील कर रहे हैं। पूर्व कलेक्टर अमित कटराया के कार्यकाल में भू-माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई की गई थी, जिससे कुछ हद तक सरकारी भूमि को माफियाओं से मुक्त कराया गया था। अब लोगों की मांग है कि वर्तमान कलेक्टर भी इसी तरह की कार्रवाई करें ताकि घरघोड़ा क्षेत्र में सरकारी भूमि पर हो रहे कब्जे को रोका जा सके।

CG News : विकास कार्यों में रुकावट-

शासकीय भूमि पर अवैध कब्जे से केवल अतिक्रमणकारियों का फायदा हो रहा है, जबकि विकास कार्यों के लिए जरूरी भूमि की अनुपलब्धता से पूरे क्षेत्र का विकास प्रभावित हो रहा है। यह प्रशासनिक तंत्र के लिए चुनौती हो सकती है, लेकिन नामुमकिन नहीं है। यदि प्रशासन इस मुद्दे को गंभीरता से लेकर कार्रवाई करता है, तो घरघोड़ा तहसील क्षेत्र में विकास की नई राह खुल सकती है और यह क्षेत्र स्वच्छ, सुंदर और प्रगतिशील समाज की ओर बढ़ सकता है।

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