Share Market: मुंबई: मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव भरा कारोबार देखने को मिला। दिनभर की खरीद-बिक्री के बाद सेंसेक्स 70 अंक गिरकर लाल निशान में बंद हुआ, जबकि निफ्टी 24,000 के स्तर से नीचे फिसल गया। वैश्विक बाजारों में कमजोरी और अमेरिकी फेडरल रिजर्व की बैठक से पहले निवेशकों ने सतर्क रुख अपनाया।

आईटी और एफएमसीजी शेयरों ने दिया सहारा

बाजार में सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी), रियल एस्टेट और एफएमसीजी सेक्टर के शेयरों में अच्छी खरीदारी देखने को मिली। वहीं बैंकिंग, ऑटो, धातु और वित्तीय सेवा क्षेत्र के शेयर दबाव में रहे। बीईएल और आईसीआईसीआई बैंक के शेयरों में करीब 4 फीसदी तक की गिरावट दर्ज की गई।

वैश्विक बाजारों का असर

दक्षिण कोरिया, जापान और ऑस्ट्रेलिया के शेयर बाजारों में भी कमजोरी रही। सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स और एसके हाइनिक्स जैसी बड़ी टेक कंपनियों के शेयरों में गिरावट से एशियाई बाजार प्रभावित हुए। हालांकि, कच्चे तेल की कीमतों में नरमी और अमेरिका-ईरान के बीच संभावित समझौते की उम्मीद ने बाजार को कुछ राहत दी।

एचयूएल के नतीजे और रुपये की चाल

हिंदुस्तान यूनिलीवर (HUL) का पहली तिमाही का राजस्व सालाना आधार पर 10 फीसदी बढ़कर 17,149 करोड़ रुपये पहुंच गया। हालांकि, कंपनी का मुनाफा 3 फीसदी घटा। विदेशी मुद्रा बाजार में रुपया भी मामूली मजबूती के साथ 95.8450 प्रति डॉलर पर बंद हुआ।

निवेशकों की नजर आगे क्या?

विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व की बैठक के फैसले और वैश्विक बाजारों के रुख पर आने वाले दिनों में भारतीय शेयर बाजार की दिशा काफी हद तक निर्भर करेगी।

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