रायपुर। Bitcoin Scam: महाराष्ट्र में 6,600 करोड़ के बिटकाइन घोटाले के मामले में रायपुर के गौरव मेहता के पचपेढ़ी नाका आम्रपाली सोसाइटी स्थित घर पर मुंबई ईडी की छापेमारी के बाद अब सीबीआई की जांच शुरू हो गई है। सीबीआई अफसर गौरव उसके भाई अक्षत से पूछताछ कर रहे हैं। जल्द ही गौरव की गिरफ्तारी के साथ ही उसे विशेष कोर्ट में पेशकर रिमांड पर लेने की तैयारी भी है। बता दें कि गौरव मेहता पुणे के सारथी एसोशिएट आडिट फर्म के कर्मचारी हैं। इस फर्म के कई ठिकानों पर ईडी की कार्रवाई चल रही है।

Bitcoin Scam: ढेरों दस्तावेज के साथ इलेक्ट्रानिक डिवाइस जब्त

ईडी की टीम ने गौरव के घर व दफ्तर से ढेरों दस्तावेज के साथ ही इलेक्ट्रानिक सबूत एकत्र किए है। इसके जरिए गौरव के दिल्ली, महाराष्ट्र के नेटवर्क, निवेशकों से जुड़े लिंक खंगाले जा रहे है। सूत्रों के अनुसार गौरव मेहता एक कंसल्टेंसी के लिए काम करते हैं जो पुणे पुलिस को अमित भारद्वाज के 6600 करोड़ के क्रिप्टो करेंसी घोटाले की जांच में मदद कर रही थी।

Bitcoin Scam: पूर्व आईपीएस के आरोप के बाद हुई कार्रवाई

दरअसल, महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के बीच हो रही इस कार्रवाई से पहले पुणे के पूर्व आईपीएस अधिकारी रवींद्र नाथ पाटिल ने आरोप लगाया था कि महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में बिटकाइन घोटाले का पैसा इस्तेमाल हो रहा है। गौरव मेहता से कांग्रेस नेत्री सुप्रिया सुले और नाना पटोले ने संपर्क किया था। उन्होंने चुनाव में इस्तेमाल के लिए घोटाले से बिटकाइन के बदले नकदी मांगी थी।

Bitcoin Scam: बताया भी जा रहा है कि ईडी के अधिकारियों को गौरव के घर में कुछ दस्तावेज और लैपटाप समेत कंप्यूटर हार्ड डिस्क मिले है,जिसकी जांच ईडी की तकनीकी टीम कर रही है। इसके साथ ही बैंक से संबंधित कुछ अहम दस्तावेज भी मिले है। स्थानीय बैंकों के कर्मचारियों को बुलाकर इसकी जांच भी कराई गई है। फिलहाल सीबीआई को गौरव के घर की जांच में क्या-क्या मिला इसकी कोई अधिकृत जानकारी नहीं दी गई है।


Tags: