Washington Plane Crash: नई दिल्ली/वॉशिंगटन: अमेरिका में विमान और एक सैन्य हेलीकॉप्टर की टक्कर में कोई भी यात्री जिंदा नहीं बच पाया। इस दर्दनाक दुर्घटना में दोनों विमानों में सवार सभी 67 लोगों की मौत हो गई। अधिकारियों ने गुरुवार को इस घटना की पुष्टि की। यह हादसा अमेरिकी विमानन इतिहास की पिछले 25 वर्षों में सबसे भीषण दुर्घटनाओं में से एक बताया जा रहा है।


व्हाइट हाउस के करीब हुआ हादसा
यह भीषण टक्कर स्थानीय समयानुसार बुधवार रात 9 बजे के करीब हुई। हादसा दुनिया के सबसे सख्त निगरानी वाले हवाई क्षेत्र में हुआ, जो व्हाइट हाउस और कैपिटल से महज 3 मील (लगभग 4.8 किलोमीटर) दक्षिण में स्थित है। अधिकारियों के मुताबिक, यह क्षेत्र उच्चतम सुरक्षा मानकों वाला एयरस्पेस है, फिर भी यह दुर्घटना कैसे हुई, इसकी जांच की जा रही है।

Washington Plane Crash: हादसे के समय क्या हुआ?
यह घटना तब हुई जब वाशिंगटन डी.सी. के पास पोटोमैक नदी के ऊपर से गुजरते हुए अमेरिकन एयरलाइंस का एक यात्री विमान रोनाल्ड रीगन नेशनल एयरपोर्ट पर उतरने की तैयारी कर रहा था। उसी दौरान एक सैन्य हेलीकॉप्टर इस विमान के रास्ते में आ गया और दोनों के बीच टक्कर हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों विमान सीधे पोटोमैक नदी के बर्फीले पानी में गिर गए।

सवार लोगों की संख्या और हताहतों की पुष्टि

अधिकारियों ने बताया कि यात्री विमान में 60 यात्री और चार चालक दल के सदस्य मौजूद थे, जबकि हेलीकॉप्टर में तीन सैनिक सवार थे। टक्कर के बाद कोई भी व्यक्ति जीवित नहीं बचा। यह हादसा अमेरिकी विमानन सुरक्षा के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है।

Washington Plane Crash: प्रधानमंत्री मोदी ने जताया दुःख
पीएम नरेंद्र मोदी ने हादसे में लोगों की मौत पर गहरा दुख जताया और कहा कि भारत इस घड़ी में संयुक्त राज्य अमेरिका के लोगों के साथ एकजुटता से खड़ा है। पीएम मोदी ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, 'वॉशिंगटन डीसी में दुखद टक्कर में लोगों की मौत से बहुत दुखी हूं। पीड़ित परिवारों के प्रति हमारी हार्दिक संवेदनाएं हैं। हम अमेरिका के लोगों के साथ एकजुटता से खड़े हैं।'

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