Sri Lanka: 260 मौतों वाले ईस्टर ब्लास्ट केस में हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, पूर्व IGP और रक्षा सचिव को फांसी, खुफिया जानकारी के बाद भी नहीं हुई थी कार्रवाई
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Sri Lanka: कोलंबो। श्रीलंका की हाईकोर्ट ने 2019 के ईस्टर संडे आतंकी हमलों को रोकने में लापरवाही बरतने के मामले में बड़ा फैसला सुनाया है। तीन सदस्यीय बेंच ने पूर्व पुलिस महानिरीक्षक (IGP) पुजित जयसुंदरा और तत्कालीन रक्षा सचिव हेमासिरी फर्नांडो को मौत की सजा सुनाई है। अदालत ने माना कि दोनों अधिकारियों को हमलों से पहले खुफिया चेतावनी मिल चुकी थी, लेकिन उन्होंने समय रहते जरूरी कदम नहीं उठाए।
पहले से मिली थी हमले की चेतावनी
अदालत के अनुसार, 20 अप्रैल 2019 की शाम तत्कालीन स्टेट इंटेलिजेंस सर्विस के प्रमुख निलंथा जयवर्धने ने जयसुंदरा को जानकारी दी थी कि अगले दिन कैथोलिक चर्चों और प्रमुख होटलों पर आत्मघाती हमला हो सकता है। इसके बावजूद सुरक्षा व्यवस्था मजबूत नहीं की गई और हमले को रोकने के लिए प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई।
दो न्यायाधीश सहमत, एक ने जताई असहमति
दो न्यायाधीशों ने बहुमत से फैसला देते हुए कहा कि दोनों अधिकारियों ने अपने संवैधानिक और प्रशासनिक दायित्वों की अनदेखी की, जिससे बड़ी संख्या में लोगों की जान गई। हालांकि, तीसरे न्यायाधीश ने असहमति जताते हुए कहा कि अभियोजन पक्ष आरोपों को संदेह से परे साबित नहीं कर पाया।
260 से ज्यादा लोगों की हुई थी मौत
21 अप्रैल 2019 को ईस्टर रविवार के दिन श्रीलंका के कई कैथोलिक चर्चों और लग्जरी होटलों में सिलसिलेवार आत्मघाती धमाके हुए थे। इन हमलों में 260 से अधिक लोगों की मौत हुई थी, जबकि 500 से ज्यादा लोग घायल हुए थे। अदालत ने कहा कि यदि किसी जिम्मेदार अधिकारी को पहले से खतरे की जानकारी हो और वह कार्रवाई न करे, तो उसे गंभीर अपराध के लिए जिम्मेदार ठहराया जा सकता है।


