Weather News : चक्रवात फेंगल का खतरा अभी टला नहीं, IMD ने इन राज्यों के लिए रेड अलर्ट जारी किया...
Weather News : नई दिल्ली। भारत के कई हिस्सों में मौसम के तेवर तीव्र हो गए हैं, खासकर दक्षिण भारत में जहां चक्रवात फेंगल ने भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग (IMD) ने केरल के कई क्षेत्रों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी है। इसके अलावा तटीय कर्नाटक, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, रायलसीमा, लक्षद्वीप, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में भी भारी बारिश का अनुमान है।
Weather News : केरल और कर्नाटका में रेड अलर्ट, भारी बारिश का खतरा-
चक्रवात फेंगल अब कमजोर होकर एक निम्न दबाव क्षेत्र में बदल चुका है, लेकिन इसके असर से केरल और कर्नाटक में भारी बारिश हो सकती है। IMD ने केरल के कासरगोड, कन्नूर, वायनाड, कोझिकोड और मलप्पुरम जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। साथ ही पलक्कड़, इडुक्की और कोट्टायम जिलों के लिए ऑरेंज और येलो अलर्ट भी जारी किए गए हैं। इन क्षेत्रों में गरज के साथ बिजली गिरने और मूसलधार बारिश की संभावना है।
Weather News : बंगलुरु और कर्नाटक में बारिश का सिलसिला जारी-
चक्रवात के प्रभाव से बंगलुरु समेत कर्नाटका के दक्षिणी हिस्सों में भारी बारिश जारी है। दक्षिण कन्नड़ जिले में 3 दिसंबर को भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना को देखते हुए स्कूल और कॉलेज बंद कर दिए गए हैं। पुडुचेरी में भी भारी बारिश के कारण सभी स्कूल और कॉलेज बंद रखे गए हैं। मुख्यमंत्री एन रंगास्वामी ने घोषणा की कि चक्रवात प्रभावित राशन कार्ड धारकों को 5 हजार रुपये की राहत राशि दी जाएगी।
Weather News : हिमाचल प्रदेश में रिकॉर्ड सूखा- वहीं, हिमाचल प्रदेश में नवंबर 2024 एक ऐतिहासिक सूखा महीना रहा। इस महीने राज्य में सामान्य 19.7 मिमी बारिश के मुकाबले सिर्फ 0.2 मिमी बारिश हुई। यह सूखा पिछले 124 वर्षों में सबसे ज्यादा सूखा था। मौसम विशेषज्ञ इसे जलवायु परिवर्तन का संकेत मान रहे हैं, क्योंकि इस साल के अक्टूबर और नवंबर में मौसम के पैटर्न में बदलाव देखा गया है।
Weather News : सर्दियों में होगा नरम मौसम- इस वर्ष दिसंबर 2024 से फरवरी 2025 तक सर्दी का मौसम अपेक्षाकृत नरम रहने का अनुमान है। IMD के अनुसार, इस बार सर्दी की तीव्रता कम रहने की संभावना है और अधिकतर क्षेत्रों में न्यूनतम तापमान सामान्य से अधिक रह सकता है। इस बार शीतलहर के दिन भी कम हो सकते हैं, जबकि दक्षिण भारत में सामान्य से कम तापमान रह सकता है।

