Vedanta Aluminium: वेदांता एल्युमीनियम की शेयर बाजार में एंट्री, डीमर्जर के बाद NSE-BSE पर लिस्टिंग, छत्तीसगढ़ से भी जुड़ा कारोबार
- Pradeep Sharma
- 24 Jun, 2026
Vedanta Aluminium: नई दिल्ली/मुंबई/रायपुर। वेदांता समूह के ऐतिहासिक डीमर्जर के बाद वेदांता एल्युमीनियम मेटल लिमिटेड ने एक स्वतंत्र सूचीबद्ध कंपनी के रूप में शेयर बाजार में लिस्ट हुई है।
Vedanta Aluminium: नई दिल्ली/मुंबई/रायपुर। वेदांता समूह के ऐतिहासिक डीमर्जर के बाद वेदांता एल्युमीनियम मेटल लिमिटेड ने एक स्वतंत्र सूचीबद्ध कंपनी के रूप में शेयर बाजार में लिस्ट हुई है। कंपनी ने इस महीने नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) पर कारोबार शुरू कर दिया है।
Vedanta Aluminium: डीमर्जर के बाद कंपनी अब पूर्ण रूप से एल्युमीनियम व्यवसाय पर केंद्रित इकाई के रूप में कार्य करेगी। इस पुनर्गठन को 1 मई 2026 से प्रभावी माना गया है। कंपनी का उद्देश्य वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धात्मक स्थिति को मजबूत करना और निवेशकों के लिए अधिक मूल्य सृजित करना बताया गया है।
Vedanta Aluminium: बाल्को और लांजीगढ़ में बड़े उत्पादन केंद्र
वेदांता एल्युमीनियम ओडिशा के लांजीगढ़ में दुनिया की सबसे बड़ी एल्यूमिना रिफाइनरियों में से एक तथा झारसुगुड़ा में एक प्रमुख एल्युमीनियम स्मेल्टर का संचालन करती है। इसके साथ ही छत्तीसगढ़ के कोरबा स्थित भारत एल्युमीनियम कंपनी लिमिटेड (बाल्को) भी इसके संचालन का हिस्सा है। कंपनी के पास अपने बॉक्साइट और कोयला संसाधनों के साथ लगभग 4.5 गीगावाट की कैप्टिव बिजली उत्पादन क्षमता भी उपलब्ध है।
Vedanta Aluminium: 60 लाख टन प्रति वर्ष उत्पादन क्षमता बढ़ाने का लक्ष्य
कंपनी ने अपनी उत्पादन क्षमता को बढ़ाकर 60 लाख टन प्रति वर्ष (LTPA) तक पहुंचाने का लक्ष्य तय किया है। मजबूत बैकवर्ड इंटीग्रेशन और स्व-उपलब्ध कच्चे माल के सहारे कंपनी का उद्देश्य दुनिया के सबसे कम लागत वाले एल्युमीनियम उत्पादकों में शामिल होना है।
Vedanta Aluminium: कंपनी का मानना है कि इंफ्रास्ट्रक्चर, ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रिफिकेशन, एयरोस्पेस और एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्रों में एल्युमीनियम की मांग तेजी से बढ़ रही है। इसी को ध्यान में रखते हुए कंपनी अपनी उत्पादन और गुणवत्ता क्षमता को मजबूत कर रही है।
Vedanta Aluminium: वैश्विक नेतृत्व की दिशा में आगे बढ़ रही वेदांता
कंपनी के सीईओ राजेश कुमार ने कहा कि स्वतंत्र सूचीबद्ध इकाई के रूप में शुरुआत कंपनी के विकास में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। उन्होंने कहा कि एल्युमीनियम को भविष्य की धातु माना जाता है और कंपनी तकनीक आधारित, लागत-कुशल और टिकाऊ मॉडल के साथ वैश्विक नेतृत्व की दिशा में आगे बढ़ रही है।
Vedanta Aluminium: भारत के उत्पादन में बड़ा योगदान
वर्तमान में वेदांता एल्युमीनियम देश के कुल एल्युमीनियम उत्पादन में लगभग 50 प्रतिशत योगदान देती है और 60 से अधिक देशों में अपनी उपस्थिति रखती है। कंपनी का उत्पाद पोर्टफोलियो बिलेट्स, वायर रॉड्स, प्राइमरी फाउंड्री अलॉय, रोल्ड प्रोडक्ट्स और एल्युमीनियम-सिलिकॉन उत्पादों तक फैला हुआ है। इनका उपयोग इलेक्ट्रिक वाहन, रक्षा, एयरोस्पेस, नवीकरणीय ऊर्जा और उन्नत विनिर्माण जैसे क्षेत्रों में किया जाता है।

