Top
Begin typing your search above and press enter to search.

वन विहार की एकलौती सफेद बाघिन रिद्धि का निधन, किडनी की बीमारी से थी ग्रस्त

वन विहार की एकलौती सफेद बाघिन रिद्धि का निधन, किडनी की बीमारी से थी ग्रस्त
X
भोपाल। पिछले डेढ़ साल से किडनी की बीमारी से जूझ रही बाघिन रिद्धि की मौत हो गई। इसकी उम्र 15 साल थी। इसे इंदौर जू से भोपाल वन विहार लाया गया था। ये वन विहार की इकलौती सफेद बाघिन थी। शरीर के अंगों का काम न करना मौत का कारण बताया गया। दुनिया में सफेद बाघों की मौजूदगी रीवा स्थित बाघ मोहन से शुरू हुई। यह भी उसी में से एक थी। वन विहार प्रबंधन के मुताबिक रिद्धी की मौत 18 और 19 सितंबर की रात हुई।

इसने दो दिन से खाना पीना छोड़ रखा था। गुरुवार सुबह सात बजे बाघिन के बाड़े में बने कोटेज में जब कर्मचारी पहुंचे तो उसे बेहोश पाया। वन्यप्राणी चिकित्सक वन विहार डॉ. अतुल गुप्ता ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। बाघिन की जांच में पता लगा कि इसके सभी अंगों ने काम करना बंद कर दिया था, जो मौत का कारण बना। ऐसा बुजुर्ग अवस्था के कारण हुआ।


औसत उम्र कर चुकी थी पूरी
वन विहार के सहायक संचालक एसके सिन्हा ने बताया की औसत उम्र 12 से 14 साल होती है। रिद्धि यह उम्र पूरी कर चुकी थी। बुजुर्गावस्था के कारण भी कई तरह की समस्याएं थी। वन्यप्राणियों के आदान प्रदान योजना के तहत इसे इंदौर जू से 25 दिसम्बर 2013 को भोपाल लाया गया था। उस समय इसकी उम्र चार साल थी। वन विहार राष्ट्रीय उद्यान में उक्त सफेद बाघिन को पर्यटकों के दर्शनार्थ डिस्प्ले वाडे में रखा गया था।


जांच के लिए सैंपल जबलपुर भेजे पोस्टमार्टम के बाद अंतिम संस्कार
मृत सफेद बाघिन का वन विहार में पोस्टमार्टम हुआ। सेम्पल जमा कर इन्हें जांच के लिए स्कूल आफ वाइल्डलाइफ फॉरेंसिक हैल्थ जबलपुर भेजा गया है। वन विहार में ही संचालक वन विहार और अन्य अधिकारियों की मौजूदगी में दाह संस्कार कर दिया गया।

Next Story
All Rights Reserved. Copyright @2019
Powered By Hocalwire