Uttarakhand Cabinet: धामी कैबिनेट के बड़े फैसले, युवाओं के लिए ₹200 करोड़ की स्किल योजना से लेकर TDC को ₹66 करोड़ की मंजूरी
Dhami Cabinet : चंपावत के बनबसा में पहली बार हुई कैबिनेट बैठक, सीमांत क्षेत्रों के विकास और रोजगार पर सरकार का जोर

चंपावत। उत्तराखंड के सीमांत क्षेत्रों तक शासन की पहुंच मजबूत करने की दिशा में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में चंपावत जिले के बनबसा में राज्य मंत्रिमंडल की बैठक आयोजित की गई। चंपावत में पहली बार हुई इस कैबिनेट बैठक में विकास, रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, पशुपालन, वित्त और प्रशासन से जुड़े कुल 24 महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर निर्णय लिए गए। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब कैबिनेट बैठकें केवल देहरादून तक सीमित नहीं रहेंगी, बल्कि प्रदेश के अलग-अलग जिलों में भी आयोजित की जाएंगी, ताकि स्थानीय समस्याओं और विकास की जरूरतों को सीधे सरकार के सामने रखा जा सके।
सीमांत क्षेत्रों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने पर फोकस
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत-नेपाल सीमा से लगे क्षेत्रों का महत्व केवल भौगोलिक दृष्टि से नहीं, बल्कि देश की सुरक्षा, संस्कृति और आर्थिक विकास से भी जुड़ा है। सरकार इन क्षेत्रों में सड़क, कनेक्टिविटी, रोजगार, पर्यटन और आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने पर काम कर रही है। बनबसा में हुई बैठक को इसी नीति का हिस्सा बताते हुए उन्होंने कहा कि स्थानीय स्तर पर कैबिनेट बैठक होने से क्षेत्रीय जरूरतों के अनुसार निर्णय लेने में तेजी आएगी।
परंपरागत ‘फर्रा/छन्तोली’ से हुआ स्वागत
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री और मंत्रिमंडल के सदस्यों को चंपावत की लोक परंपरा से जुड़ी पारंपरिक ‘फर्रा/छन्तोली’ भेंट की गई। देवीधुरा की प्रसिद्ध बग्वाल परंपरा से जुड़ी यह ढाल बांस अथवा रिंगाल की खपच्चियों से तैयार की जाती है। इस पारंपरिक धरोहर को भेंट करना देवभूमि की लोक संस्कृति और सीमांत क्षेत्र की विशिष्ट पहचान के सम्मान का प्रतीक रहा।
वन भूमि मामलों के लिए PMU और 6 पदों को मंजूरी
कैबिनेट ने वन भूमि हस्तांतरण मामलों के तकनीकी परीक्षण और ऑनलाइन सरेखण से जुड़े कार्यों को मजबूत करने के लिए वन संरक्षण के नोडल कार्यालय में परियोजना प्रबंधन इकाई यानी PMU गठित करने का फैसला लिया। इसके लिए छह पदों की स्वीकृति दी गई है। सरकार का उद्देश्य वन भूमि हस्तांतरण से संबंधित प्रक्रियाओं को अधिक व्यवस्थित और प्रभावी बनाना है।
भूमिधरी अधिकार और भूमि विनियमितीकरण को मंजूरी
वर्ग-3 और वर्ग-4 की भूमि के पट्टेदारों एवं कब्जाधारकों को भूमिधरी अधिकार देने से जुड़े प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। इसके तहत नैनीताल के नगर पंचायत लालकुआं और देहरादून के जौनसार-बावर क्षेत्र की कुछ भूमि के विनियमितीकरण का रास्ता भी साफ हुआ। संबंधित भूमि का विनियमितीकरण वर्ष 2004 के सर्किल रेट के आधार पर एक वर्ष तक और उसके बाद प्रचलित सर्किल रेट के अनुसार किया जाएगा।
पंतनगर एयरपोर्ट विस्तार के लिए ₹66.29 करोड़
ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट पंतनगर के विस्तार से जुड़ी हस्तांतरित परिसंपत्तियों के लिए उत्तराखंड सीड्स एंड तराई डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड को ₹66.2916 करोड़ की शेष धनराशि जारी करने को मंजूरी दी गई। यह राशि कॉरपोरेशन की कार्ययोजना के मुताबिक नवनिर्माण और निर्धारित कार्यों में खर्च की जाएगी।
संपत्ति खरीद-बिक्री में PAN सत्यापन होगा जरूरी
स्टाम्प एवं निबंधन विभाग में संपत्ति के लेन-देन से जुड़े मामलों में क्रेता, विक्रेता और अन्य संबंधित पक्षों द्वारा दिए गए PAN के सत्यापन की व्यवस्था लागू करने का फैसला लिया गया। सरकार का मानना है कि इससे गलत या फर्जी PAN के इस्तेमाल पर रोक लगाने और आयकर विभाग को भेजे जाने वाले डेटा की शुद्धता बढ़ाने में मदद मिलेगी।
राजकोषीय घाटे और कर्ज की सीमा तय
उत्तराखंड राजकोषीय उत्तरदायित्व एवं बजट प्रबंधन संशोधन विधेयक, 2026 को मंजूरी दी गई। इसके तहत 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक वार्षिक राजकोषीय घाटे की सीमा GSDP के 3 प्रतिशत और वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक कुल संचयी ऋण की अधिकतम सीमा GSDP के 30 प्रतिशत तय की गई है। आपदा और सुरक्षा से जुड़ी परिस्थितियों में नियमों के तहत अतिरिक्त छूट का प्रावधान रहेगा।
वन विभाग में विभागाध्यक्ष व्यवस्था बदली
कैबिनेट ने वन विभाग में विभागाध्यक्ष से संबंधित व्यवस्था में संशोधन किया। इसके तहत निदेशक, नंदा देवी बायोस्फियर रिजर्व को विभागाध्यक्षों की सूची से हटाकर मुख्य वन संरक्षक कुमाऊं और मुख्य वन संरक्षक गढ़वाल को विभागाध्यक्ष घोषित किया जाएगा। सरकार के मुताबिक इससे वनाग्नि, बाढ़, दैवीय आपदा और मानव-वन्यजीव संघर्ष जैसी परिस्थितियों में त्वरित कार्रवाई में मदद मिलेगी।
छठे राज्य वित्त आयोग की रिपोर्ट विधानसभा में होगी पेश
छठवें राज्य वित्त आयोग की ओर से पंचायतीराज संस्थाओं और शहरी स्थानीय निकायों को लेकर प्रस्तुत रिपोर्ट को आगामी विधानसभा सत्र में रखने की मंजूरी दी गई। आयोग ने वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक स्थानीय निकायों को राज्य के शुद्ध कर राजस्व से मिलने वाले अंतरण और वित्तीय-प्रशासनिक व्यवस्थाओं से संबंधित सिफारिशें की हैं।
कानूनी और प्रशासनिक नियमों में भी बदलाव
कैबिनेट ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 19 के तहत अधिसूचना जारी करने को मंजूरी दी। इसके अलावा उत्तराखंड राज्य कर्मचारियों की आचरण नियमावली में संशोधन को मंजूरी दी गई, जिसमें कर्मचारियों की चल-अचल और बहुमूल्य संपत्तियों से जुड़े प्रावधानों को मौजूदा नियमों के अनुरूप किया जाएगा। भारतीय न्याय संहिता लागू होने के बाद सतर्कता अधिष्ठान से संबंधित पुरानी अधिसूचना में भी आवश्यक संशोधन को मंजूरी मिली।
ग्रुप-C भर्ती में कुछ पदों से इंटरव्यू हटेगा
राज्याधीन सेवाओं में समूह ‘ग’ के पदों पर साक्षात्कार प्रक्रिया से जुड़े संशोधन को मंजूरी दी गई। जिला युवा कल्याण एवं प्रांतीय रक्षक दल अधिकारी के पद को संबंधित सूची से हटाया जाएगा। वहीं उप कारापाल के पद पर शारीरिक दक्षता और लिखित परीक्षा होने के कारण साक्षात्कार की व्यवस्था समाप्त की जाएगी।
UKPSC के दायरे में भी संशोधन
उत्तराखंड लोक सेवा आयोग के कार्यों से संबंधित संशोधन विनियम को मंजूरी दी गई। इसके तहत जिला युवा कल्याण एवं प्रांतीय रक्षक दल अधिकारी के पद को लोक सेवा आयोग के परिशिष्ट से बाहर किया जाएगा, क्योंकि सेवा नियमों के अनुसार यह राजपत्रित समूह ‘ख’ का पद है।
सतर्कता अधिष्ठान का ढांचा होगा मजबूत
सतर्कता अधिष्ठान के पुनर्गठन को भी कैबिनेट की मंजूरी मिली। इसके तहत कुल 11 पद समाप्त किए जाएंगे, जबकि मुख्य आरक्षी नागरिक पुलिस के पांच पद बढ़ाए जाएंगे। इसके साथ ही अपर उपनिरीक्षक नागरिक पुलिस, मुख्य आरक्षी डाक रनर, मुख्य आरक्षी चालक और अपर उपनिरीक्षक चालक समेत छह नए पद सृजित किए जाएंगे।
सार्वजनिक परिसंपत्तियों से मिलने वाली आय में 92% हिस्सा संबंधित संस्थाओं को
नियोजन विभाग से जुड़े प्रस्ताव में उत्तराखंड निवेश और आधारिक संरचना विकास एवं विनियम अधिनियम की अनुसूची-3 में संशोधन को मंजूरी दी गई। इसके तहत सार्वजनिक अभिकरणों की परिसंपत्तियों के विनिवेश या मुद्रीकरण से प्राप्त आय का 92 प्रतिशत हिस्सा संबंधित सार्वजनिक अभिकरणों को दिए जाने का प्रावधान किया गया है।
पुराने सिंचाई कानून की जगह नया विधेयक
कैबिनेट ने 1873 के उत्तरी भारत नहर एवं जल निकास अधिनियम को निरस्त करने और उसकी जगह उत्तराखंड सिंचाई एवं जल निकासी विधेयक, 2026 को विधानसभा में पेश करने की मंजूरी दी। सरकार का उद्देश्य प्रदेश की भौगोलिक और स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप सिंचाई एवं जल निकासी व्यवस्था के लिए आधुनिक कानूनी ढांचा तैयार करना है।
पोल्ट्री सब्सिडी अब DBT के जरिए मिलेगी
कुक्कुट आहार सब्सिडी योजना के तहत लाभार्थियों को भुगतान की मौजूदा व्यवस्था में बदलाव किया गया है। अब सब्सिडी आधार सीडेड या लिंक्ड बैंक खाते में DBT के माध्यम से भेजने को मंजूरी दी गई है। इससे लाभार्थियों तक सहायता राशि सीधे पहुंचाने की व्यवस्था मजबूत होगी।
पशुपालन और डेयरी के लिए बनेगा नया महानिदेशक पद
पशुपालन, डेयरी और मत्स्य पालन विभागों में बेहतर समन्वय और प्रभावी प्रशासन के लिए महानिदेशक का नया पद सृजित करने का फैसला लिया गया। सरकार के मुताबिक इससे योजनाओं की निगरानी, क्रियान्वयन और केंद्र एवं राज्य की योजनाओं के बेहतर समन्वय में मदद मिलेगी।
1.19 लाख युवाओं के लिए ₹200 करोड़ की स्किल योजना
कैबिनेट के प्रमुख फैसलों में मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा कौशल संवर्धन योजना, 2026 भी शामिल है। योजना के तहत राज्य के सरकारी और निजी विश्वविद्यालयों तथा संबद्ध महाविद्यालयों में पढ़ने वाले करीब 1.19 लाख विद्यार्थियों को लाभ मिलने की उम्मीद है। पांच वर्षों में इस योजना पर लगभग ₹200 करोड़ खर्च किए जाएंगे। इसका उद्देश्य युवाओं की रोजगार क्षमता और उद्यमिता को बढ़ावा देना है।
निजी विश्वविद्यालयों के लिए नए मानक तय
राज्य में निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना से जुड़े मानकों में भी बदलाव को मंजूरी दी गई। संशोधित व्यवस्था के तहत पर्वतीय क्षेत्रों में न्यूनतम 2,500 वर्गमीटर और मैदानी क्षेत्रों में न्यूनतम 20,000 वर्गमीटर निर्मित क्षेत्र का प्रावधान किया जाएगा। साथ ही गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए प्रस्तावों के मूल्यांकन के लिए अलग मानक तय किए जाएंगे।
नरेन्द्रनगर में खुलेगा उप निबंधक कार्यालय
टिहरी गढ़वाल के नरेन्द्रनगर तहसील में उप निबंधक कार्यालय खोलने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। इसके क्षेत्राधिकार में नरेन्द्रनगर तहसील के 98 और पावकी देवी उप तहसील के 35 यानी कुल 133 राजस्व ग्राम शामिल होंगे। इससे स्थानीय लोगों को पंजीकरण से जुड़ी सेवाएं अपने क्षेत्र में ही मिल सकेंगी।
अन्य विभागीय प्रस्तावों को भी मिली मंजूरी
न्यायाधिकरण, देहरादून के आदेश और उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग की संस्तुति के आधार पर सौन्दर्याकरण उपशाखा को निक्षेपित करने की मंजूरी दी गई। उत्तराखंड में उत्तर प्रदेश जमींदारी विनाश एवं भूमि व्यवस्था नियमावली, 1952 से जुड़े प्रावधानों में भी संशोधन को मंजूरी मिली, ताकि मौजूदा कानून के अनुसार प्रक्रियाओं को स्पष्ट और पारदर्शी बनाया जा सके।
वेक्टर जनित रोग नियंत्रण के लिए नई नियमावली
चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के तहत वैक्टर जनित रोग नियंत्रण सेवा में नियुक्त कर्मचारियों की भर्ती और सेवा शर्तों को व्यवस्थित करने के लिए उत्तराखंड वैक्टर जनित रोग नियंत्रण सेवा नियमावली, 2026 को मंजूरी दी गई।
मेडिकल कॉलेजों में रेजिडेंट डॉक्टरों का वेतन/मानदेय होगा पुनर्निर्धारित
राजकीय मेडिकल कॉलेजों में सीनियर रेजिडेंट, जूनियर रेजिडेंट और डेमोंस्ट्रेटर की कमी को देखते हुए इन पदों पर तैनात कर्मचारियों के वेतन और मानदेय के पुनर्निर्धारण को कैबिनेट ने मंजूरी दी। सरकार का उद्देश्य मेडिकल कॉलेजों में विशेषज्ञ और प्रशिक्षित चिकित्सा मानव संसाधन की उपलब्धता को बेहतर बनाना है।
स्थानीय स्तर पर निर्णय लेने की दिशा में बड़ा कदम
बनबसा में हुई इस कैबिनेट बैठक को सरकार ने सीमांत क्षेत्रों तक शासन की पहुंच बढ़ाने की पहल के तौर पर पेश किया है। बैठक में लिए गए फैसलों में युवाओं के कौशल विकास, रोजगार, स्वास्थ्य, पशुपालन, शिक्षा, प्रशासनिक सुधार और सीमांत क्षेत्रों के विकास पर खास जोर दिखाई दिया। मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि सरकार का लक्ष्य विकास योजनाओं का लाभ प्रदेश के अंतिम छोर तक पहुंचाना और जनता तथा शासन के बीच की दूरी को कम करना है।


