Top
Begin typing your search above and press enter to search.
ताजा खबर

UP Politics: चुनाव से पहले मायावती का बड़ा एक्शन, दो वरिष्ठ नेताओं पर गिरी गाज, BSP में मचा सियासी घमासान

UP Politics: चुनाव से पहले मायावती का बड़ा एक्शन, दो वरिष्ठ नेताओं पर गिरी गाज, BSP में मचा सियासी घमासान
X

लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले बहुजन समाज पार्टी (BSP) में बड़ा संगठनात्मक बदलाव देखने को मिला है। पार्टी प्रमुख मायावती ने पूर्व सांसद अशोक सिद्धार्थ और वरिष्ठ नेता रणधीर सिंह बेनीवाल को तत्काल प्रभाव से पार्टी से निष्कासित कर दिया है। दोनों नेताओं पर पार्टी अनुशासन का उल्लंघन करने और संगठन के दिशा-निर्देशों की अनदेखी करने के आरोप लगाए गए हैं। मायावती ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X के जरिए दोनों नेताओं पर कार्रवाई की जानकारी साझा की।

अशोक सिद्धार्थ पर दोबारा हुई कार्रवाई

मायावती के मुताबिक, अशोक सिद्धार्थ को इससे पहले महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के दौरान पार्टी टिकट वितरण से जुड़े मामलों में प्रदेश नेतृत्व के साथ समन्वय नहीं रखने और अनुशासनहीनता के आरोप में BSP से बाहर किया गया था। बाद में उन्हें कुछ शर्तों के साथ पार्टी में वापस लिया गया था।

पार्टी में वापसी के बाद अशोक सिद्धार्थ को उत्तर प्रदेश के बजाय दूसरे राज्यों में संगठन का जनाधार मजबूत करने की जिम्मेदारी दी गई थी। मायावती का आरोप है कि कर्नाटक, ओडिशा और पश्चिम बंगाल समेत जिन राज्यों की जिम्मेदारी उन्हें दी गई, वहां से लगातार पार्टी निर्देशों के उल्लंघन और अनुशासनहीनता से जुड़ी शिकायतें सामने आती रहीं।

चेतावनियों के बाद भी नहीं हुआ सुधार

BSP प्रमुख के अनुसार, अशोक सिद्धार्थ को कई बार चेतावनी दी गई, लेकिन इसके बावजूद स्थिति में सुधार नहीं आया। इसके बाद पहले उन्हें पार्टी की सभी जिम्मेदारियों से मुक्त किया गया और अब संगठन के हित में उन्हें पार्टी से ही निष्कासित करने का फैसला लिया गया है।

मायावती ने साफ किया कि अशोक सिद्धार्थ को अब भविष्य में पार्टी में दोबारा शामिल नहीं किया जाएगा। उन्होंने उत्तर प्रदेश में उनकी वापसी से जुड़ी खबरों को पार्टी के भीतर भ्रम पैदा करने और आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों को प्रभावित करने की कोशिश बताया।

रणधीर बेनीवाल पर भी अनुशासनहीनता का आरोप

मायावती ने बताया कि सहारनपुर निवासी रणधीर सिंह बेनीवाल को BSP कोऑर्डिनेटर के तौर पर पंजाब के साथ हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर की जिम्मेदारी भी दी गई थी। पार्टी नेतृत्व के मुताबिक, उनके खिलाफ भी लगातार अनुशासनहीनता और संगठन के निर्देशों का पालन नहीं करने से संबंधित रिपोर्ट मिल रही थीं।

इन शिकायतों के आधार पर BSP ने रणधीर सिंह बेनीवाल को भी तत्काल प्रभाव से पार्टी से निष्कासित कर दिया है। मायावती ने कहा कि यह कार्रवाई पार्टी और आंदोलन के हित को ध्यान में रखते हुए की गई है।

रामजी गौतम को पंजाब की जिम्मेदारी

मायावती ने संगठन में किए गए हालिया बदलावों का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि राज्यसभा सांसद रामजी गौतम को अन्य राज्यों के साथ पंजाब का दोबारा प्रभारी बनाया गया है। वह पंजाब में आगामी विधानसभा चुनाव के साथ-साथ अगले लोकसभा चुनाव तक अपनी जिम्मेदारी संभालेंगे।

UP नेताओं को बाहर की जिम्मेदारी, लेकिन यूपी में नहीं मिलेगा पद

BSP प्रमुख ने पार्टी की नई रणनीति को लेकर भी स्पष्ट संदेश दिया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के रहने वाले वरिष्ठ पदाधिकारियों और कोऑर्डिनेटरों में जो लोग दूसरे राज्यों में संगठन की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं, उन्हें उत्तर प्रदेश में पार्टी की कोई जिम्मेदारी नहीं दी जाएगी।

मायावती ने पार्टी कार्यकर्ताओं से ऐसे तत्वों से सतर्क रहने की अपील की, जो उनके मुताबिक BSP के उत्तर प्रदेश में पूर्ण बहुमत की सरकार बनाने के अभियान को कमजोर करने या उसका ध्यान भटकाने की कोशिश कर सकते हैं।

चुनाव से पहले BSP की रणनीति पर नजर

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले मायावती का यह फैसला BSP के संगठनात्मक स्तर पर अहम माना जा रहा है। दो वरिष्ठ नेताओं के निष्कासन और जिम्मेदारियों में फेरबदल के बाद अब पार्टी की चुनावी रणनीति, संगठन विस्तार और जमीनी अभियान पर सभी की नजर रहेगी।


Next Story

Related Stories

All Rights Reserved. Copyright @2019
Powered By Hocalwire