UP : घुमंतू समाज के उत्थान की नई पहल: योगी सरकार ने बनाया विकास बोर्ड, शिक्षा और रोजगार पर रहेगा विशेष फोकस

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने विमुक्त, घुमंतू और अर्ध-घुमंतू समुदायों के सामाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक विकास को गति देने के लिए बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घोषणा की कि इन समुदायों को मुख्यधारा से जोड़ने और सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश घुमंतू विकास बोर्ड का गठन किया गया है। सरकार का कहना है कि यह बोर्ड इन समाजों की पहचान, अधिकारों की सुरक्षा और समग्र विकास के लिए विशेष योजनाएं तैयार करेगा।
ऐतिहासिक अन्याय का किया उल्लेख
मुख्यमंत्री ने कहा कि देश की आजादी से पहले ब्रिटिश शासन ने वर्ष 1871 में बनाए गए क्रिमिनल ट्राइब्स एक्ट के तहत कई घुमंतू जातियों को अपराधी घोषित कर दिया था, जिससे इन समुदायों को वर्षों तक सामाजिक उपेक्षा झेलनी पड़ी। आजादी के बाद वर्ष 1952 में इस कानून को समाप्त कर इन समुदायों को विमुक्त जातियों का दर्जा दिया गया। उन्होंने कहा कि ये समाज स्वतंत्रता आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले समुदाय रहे हैं और अब उन्हें सम्मानजनक पहचान दिलाना सरकार की जिम्मेदारी है।
घुमंतू विकास बोर्ड करेगा योजनाओं का समन्वय
सरकार के अनुसार नवगठित विकास बोर्ड के माध्यम से घुमंतू समाज की वास्तविक समस्याओं का अध्ययन किया जाएगा। साथ ही शिक्षा, स्वास्थ्य, आवास, सामाजिक सुरक्षा और स्वरोजगार जैसी योजनाओं का लाभ सुनिश्चित करने के लिए विभागों के बीच समन्वय स्थापित किया जाएगा। बोर्ड इन समुदायों के लिए दीर्घकालिक विकास रणनीति भी तैयार करेगा।
शिक्षा और रोजगार पर रहेगा विशेष जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज के विकास का सबसे प्रभावी माध्यम शिक्षा और रोजगार है। इसी उद्देश्य से अनुसूचित जाति, जनजाति और घुमंतू समाज के बच्चों के लिए आश्रम पद्धति विद्यालयों का संचालन किया जा रहा है। इसके अलावा अटल आवासीय विद्यालयों और विभिन्न कौशल विकास योजनाओं के जरिए युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में काम किया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य है कि घुमंतू समाज के युवाओं को आधुनिक शिक्षा और रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराए जाएं।
वंचित समुदायों को मुख्यधारा से जोड़ने का प्रयास
मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार पहले भी वनटांगिया गांवों को राजस्व गांव का दर्जा देने, आदिवासी और पिछड़े समुदायों तक बुनियादी सुविधाएं पहुंचाने तथा ऐतिहासिक विरासत को सम्मान देने की दिशा में कई फैसले ले चुकी है। निषादराज गुह, महाराजा सुहेलदेव और जनजातीय संग्रहालय जैसी पहलें इसी सोच का हिस्सा हैं। उनका कहना है कि विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है।
सम्मान और समान अवसर देने का संकल्प
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि विमुक्त और घुमंतू समाज को किसी भी दृष्टि से अपराधी समुदाय नहीं माना जाना चाहिए, बल्कि उन्हें देश की गौरवशाली सांस्कृतिक और स्वतंत्रता संग्राम की परंपरा का हिस्सा समझा जाना चाहिए। उन्होंने विश्वास जताया कि घुमंतू विकास बोर्ड के गठन से लाखों परिवारों को शिक्षा, रोजगार, सामाजिक सुरक्षा और सम्मानजनक जीवन की दिशा में नए अवसर मिलेंगे।


