UP Cabinet Decision: योगी कैबिनेट के अहम निर्णय : 8,585 करोड़ से बनेगा नया कॉरिडोर, जेवर लिंक एक्सप्रेसवे को गंगा एक्सप्रेसवे से जोड़ने को मंजूरी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में एक्सप्रेसवे नेटवर्क को और मजबूत करने की दिशा में योगी सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में जेवर लिंक एक्सप्रेसवे को गंगा एक्सप्रेसवे से जोड़ने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई। करीब 74.46 किलोमीटर लंबे इस एक्सप्रेसवे के निर्माण पर 8,585.51 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। छह लेन का यह एक्सप्रेसवे भविष्य में ट्रैफिक जरूरतों के मुताबिक आठ लेन तक चौड़ा किया जा सकेगा।
जेवर एयरपोर्ट से गंगा एक्सप्रेसवे तक मिलेगी सीधी कनेक्टिविटी
प्रस्तावित जेवर लिंक एक्सप्रेसवे नोएडा के भाईपुर ब्राह्मण गांव से शुरू होकर बुलंदशहर के बहांपुर गांव के पास गंगा एक्सप्रेसवे से जुड़ेगा। इसके बनने के बाद जेवर एयरपोर्ट से गंगा एक्सप्रेसवे तक सीधी और तेज कनेक्टिविटी उपलब्ध होगी। यह एक्सप्रेसवे यमुना एक्सप्रेसवे नेटवर्क को भी बेहतर तरीके से जोड़ने का काम करेगा।
30 साल के ट्रैफिक लोड को ध्यान में रखकर होगा निर्माण
परियोजना को भविष्य की यातायात जरूरतों को ध्यान में रखते हुए तैयार किया जाएगा। छह लेन के एक्सप्रेसवे को अगले 30 वर्षों के संभावित ट्रैफिक लोड के आधार पर डिजाइन किया जाएगा। जरूरत पड़ने पर इसे आठ लेन तक विस्तारित किया जा सकेगा। परियोजना के निर्माण की जिम्मेदारी उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (UPEIDA) की होगी।
एक्सप्रेसवे पर बनेंगे पुल और रेलवे ओवरब्रिज
जेवर लिंक एक्सप्रेसवे में यातायात को सुगम बनाने के लिए कई प्रमुख संरचनाएं विकसित की जाएंगी। परियोजना के तहत 7 अंडरपास, 11 छोटे पुल, 3 बड़े पुल, 2 बड़े अंडरपास, 1 फ्लाईओवर और 4 रेलवे ओवरब्रिज बनाए जाएंगे। निर्माण कार्य को दो पैकेज में पूरा करने की योजना है।
पहले पैकेज में नोएडा के भाईपुर ब्राह्मण से बुलंदशहर के बिचौला गांव तक का हिस्सा शामिल होगा, जबकि दूसरे पैकेज में बिचौला से बहांपुर तक एक्सप्रेसवे का निर्माण किया जाएगा।
उद्योग और लॉजिस्टिक्स को मिलेगा बड़ा फायदा
जेवर लिंक एक्सप्रेसवे के निर्माण से गंगा एक्सप्रेसवे के आसपास विकसित हो रहे औद्योगिक पार्क और लॉजिस्टिक क्लस्टर को सीधी कनेक्टिविटी मिलेगी। इससे कार्गो परिवहन, ई-कॉमर्स और एक्सपोर्ट आधारित उद्योगों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। बेहतर सड़क संपर्क के चलते नए निवेश आकर्षित होने और औद्योगिक गतिविधियों में तेजी आने की संभावना है।
प्रयागराज तक जाने वालों को मिलेगा नया विकल्प
जेवर एयरपोर्ट के गंगा एक्सप्रेसवे से सीधे जुड़ने के बाद पश्चिमी उत्तर प्रदेश से प्रयागराज और पूर्वी उत्तर प्रदेश की ओर जाने वाले यात्रियों को नया मार्ग मिल सकेगा। मौजूदा समय में जेवर एयरपोर्ट यमुना एक्सप्रेसवे के जरिए प्रमुख शहरों से जुड़ा हुआ है। नए लिंक एक्सप्रेसवे से यह नेटवर्क और विस्तृत हो जाएगा।
राज्य संपत्ति विभाग में सहायक लेखाकार के पदों में बदलाव
कैबिनेट बैठक में राज्य संपत्ति विभाग से जुड़ा एक अहम प्रस्ताव भी मंजूर किया गया। उत्तर प्रदेश राज्य संपत्ति विभाग लेखा संवर्ग (अराजपत्रित) सेवा नियमावली, 2026 को स्वीकृति दी गई है। इसके तहत सहायक लेखाकार के एंट्री लेवल और पदोन्नति वाले पदों की संख्या को समान कर दिया गया है।
पहले विभाग में सहायक लेखाकार के कुल 12 पदों में 3 पद सीधी भर्ती और 9 पद पदोन्नति के लिए निर्धारित थे। अब व्यवस्था बदलकर 6 पद एंट्री लेवल और 6 पद पदोन्नति के कर दिए गए हैं। इससे सभी स्वीकृत पदों को भरने का रास्ता साफ होगा और कर्मचारियों को समय पर पदोन्नति का अवसर भी मिल सकेगा।
औद्योगिक विकास को मिलेगी नई रफ्तार
जेवर लिंक एक्सप्रेसवे को गंगा एक्सप्रेसवे से जोड़ने की परियोजना को उत्तर प्रदेश के इंफ्रास्ट्रक्चर और औद्योगिक विकास के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। जेवर एयरपोर्ट, यमुना एक्सप्रेसवे और गंगा एक्सप्रेसवे के बीच बेहतर कनेक्टिविटी बनने से परिवहन, लॉजिस्टिक्स और उद्योगों के लिए नया कॉरिडोर तैयार होगा, जिससे प्रदेश में निवेश और रोजगार के अवसर बढ़ने की उम्मीद है।


