Ram Mandir : राम मंदिर चढ़ावा चोरी विवाद के बाद दर्शन व्यवस्था में बदलाव, अब ट्रस्ट के 3 CA को भी मिला ये अधिकार

अयोध्या। अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में VIP और विशेष श्रेणी के दर्शन पास को लेकर नई व्यवस्था लागू की गई है। चढ़ावे से जुड़े कथित अनियमितता के मामले के बाद कुछ समय के लिए पास दर्शन की सुविधा पर रोक लगाई गई थी। अब इसे दोबारा शुरू किया गया है, लेकिन पास जारी करने की प्रक्रिया में बदलाव किया गया है। नई व्यवस्था का उद्देश्य दर्शन पास प्रणाली को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और व्यवस्थित बनाना है।
तीन चार्टर्ड अकाउंटेंट की निगरानी में जारी होंगे पास
नई व्यवस्था के तहत ट्रस्ट के तीन अधिकृत चार्टर्ड अकाउंटेंट को दर्शन पास जारी करने की जिम्मेदारी दी गई है। इनकी आधिकारिक आईडी के माध्यम से VIP और विशेष श्रेणी के दर्शन पास उपलब्ध कराए जा सकेंगे। ट्रस्ट का मानना है कि इससे पास जारी करने की प्रक्रिया पर निगरानी मजबूत होगी और अनधिकृत हस्तक्षेप या दुरुपयोग की आशंका कम होगी।
‘सुगम दर्शन’ की सुविधा भी रहेगी जारी
VIP पास के साथ ‘सुगम दर्शन’ की सुविधा भी जारी रहेगी। इसके लिए तय प्रक्रिया के तहत आवेदन करना होगा। पास व्यवस्था में प्रशासनिक बदलाव के तहत जिम्मेदारी से जुड़े अधिकारियों और सदस्यों में भी परिवर्तन किया गया है। ट्रस्ट से जुड़े पूर्व पदाधिकारियों के इस्तीफे के बाद दर्शन व्यवस्था प्रभावित न हो, इसे ध्यान में रखते हुए नई जिम्मेदारियां तय की गई हैं।
रोजाना करीब 1800 पास का प्रावधान
राम मंदिर में दर्शन पास के लिए जिला प्रशासन और पुलिस विभाग का अलग कोटा भी निर्धारित है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, रोजाना करीब 1,800 पास छह अलग-अलग समय स्लॉट में जारी किए जाते हैं। प्रत्येक स्लॉट लगभग दो घंटे का होता है और उसमें करीब 300 श्रद्धालुओं को शामिल किया जा सकता है। VIP और सुगम दर्शन के पास भी इन्हीं निर्धारित स्लॉट के अनुसार जारी किए जाते हैं।
पैसे देकर VIP पास लेने की व्यवस्था नहीं
मंदिर में VIP दर्शन के लिए पैसे देकर पास खरीदने की कोई व्यवस्था नहीं है। विशेष दर्शन पास अधिकृत व्यक्तियों की सिफारिश और निर्धारित प्रक्रिया के तहत जारी किए जाते हैं। ट्रस्ट के अधिकृत लोगों के अलावा जिला मजिस्ट्रेट, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, DIG और मंडलायुक्त स्तर के अधिकारियों को भी पास जारी करने का अधिकार दिया गया है।
एक फॉर्म से आठ लोगों तक के पास
विशेष या सुगम दर्शन के लिए निर्धारित फॉर्म में श्रद्धालुओं का नाम, उम्र, लिंग और पहचान संबंधी जानकारी दर्ज करनी होती है। एक फॉर्म के जरिए अधिकतम आठ श्रद्धालुओं के पास बनाए जा सकते हैं। पास बनाने के लिए इस्तेमाल की गई अधिकृत ID की जानकारी भी रिकॉर्ड में दर्ज की जाती है, जिससे पूरी प्रक्रिया को ट्रैक किया जा सके।
VIP और VVIP श्रद्धालुओं के लिए अलग प्रवेश व्यवस्था
राम मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं के प्रवेश के लिए अलग-अलग मार्ग निर्धारित हैं। सामान्य श्रद्धालु मुख्य प्रवेश मार्ग से मंदिर में प्रवेश करते हैं, जबकि VIP श्रद्धालुओं के लिए अलग प्रवेश व्यवस्था रखी गई है। वहीं, अति विशिष्ट अतिथियों के लिए अलग मार्ग निर्धारित है। हालांकि सभी प्रवेश द्वारों पर सुरक्षा जांच अनिवार्य रहती है।
चढ़ावा मामले की जांच भी जारी
राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़े कथित चोरी या अनियमितता के मामले की जांच भी जारी है। जांच के दौरान बैंक कर्मचारियों समेत संबंधित लोगों के बयान दर्ज किए जा चुके हैं। अब ट्रस्ट से जुड़े पदाधिकारियों और अन्य संबंधित लोगों से पूछताछ की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। ऐसे में VIP दर्शन पास की नई व्यवस्था को मंदिर प्रशासन में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।


