UP Crime : स्पा सेंटर से हनीट्रैप तक, दरोगा को ब्लैकमेल करने वाले गैंग का खुलासा; महिला समेत 3 गिरफ्तार
बस्ती के पूर्व थानाध्यक्ष की मौत मामले में खुलासा, निजी वीडियो के जरिए एक करोड़ की कथित वसूली का आरोप; पिता और कानूनी सलाहकार भी गिरफ्तार

UP Crime : बस्ती/शामली। बस्ती के पूर्व थानाध्यक्ष सूर्य प्रकाश सिंह की मौत के मामले में पुलिस ने हनीट्रैप और ब्लैकमेलिंग से जुड़े गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने गिरोह की मुख्य आरोपी महिला प्रियंका चौधरी, उसके पिता रामनयन चौधरी और कानूनी सलाहकार विजय प्रकाश यादव को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
कोतवाली पुलिस और सर्विलांस टीम ने रविवार सुबह सदर अस्पताल चौराहे के पास कार्रवाई करते हुए तीनों को पकड़ा। आरोपियों के कब्जे से एक कार और तीन मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। पुलिस के मुताबिक, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों, कॉल डिटेल और पूछताछ में गिरोह की गतिविधियों से जुड़े कई अहम सुराग मिले हैं।
वीडियो के जरिए बनाया जाल, फिर मांगे एक करोड़
पुलिस जांच के अनुसार, 32 वर्षीय प्रियंका चौधरी लोगों को अपने संपर्क में लाकर हनीट्रैप में फंसाती थी। इसके बाद निजी वीडियो के जरिए उन्हें ब्लैकमेल किया जाता था। जांच में दावा किया गया है कि सूर्य प्रकाश सिंह को भी इसी तरह निशाना बनाया गया और उनसे एक करोड़ रुपये की मांग की गई।
पुलिस के मुताबिक, घटना वाले दिन आरोपी विजय प्रकाश यादव ने भी सूर्य प्रकाश सिंह को फोन कर पैसे की मांग की थी। लगातार धमकियों और मानसिक दबाव के बीच सूर्य प्रकाश सिंह ने आत्महत्या कर ली थी। मामले में पुलिस अब ब्लैकमेलिंग की पूरी कड़ी और आरोपियों की भूमिका की जांच कर रही है।
कई लोगों से लाखों की वसूली का आरोप
जांच में पुलिस को गिरोह द्वारा अन्य लोगों से भी रकम वसूलने के साक्ष्य मिले हैं। पुलिस के अनुसार, मकान मालिक डॉ. उमेश से 4 लाख रुपये, ड्राइवर अहमद रज़ा से 5 लाख रुपये और मध्य प्रदेश के व्यापारी आर्यन दीक्षित से 15 लाख रुपये की वसूली की गई।
पुलिस का कहना है कि गिरोह के शिकार बने अन्य लोगों की भी जानकारी जुटाई जा रही है। जांच आगे बढ़ने पर गिरोह से जुड़े और लोगों के नाम सामने आने की संभावना है। पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है और मामले में आगे की जांच जारी है।


