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UP : गायत्री परिवार के शिक्षक गरिमा सम्मेलन में पहुंचे CM योगी, बोले- बनाना है ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’

शिक्षकों की भूमिका पर बोले योगी, कहा- शिक्षा का लक्ष्य संस्कारवान और जिम्मेदार नागरिक तैयार करना भी

UP : गायत्री परिवार के शिक्षक गरिमा सम्मेलन में पहुंचे CM योगी, बोले- बनाना है ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’
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लखनऊ। राजधानी लखनऊ में अखिल विश्व गायत्री परिवार के तत्वावधान में प्रांतीय शिक्षक गरिमा कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी शामिल हुए और जनसभा को संबोधित किया। कार्यशाला में शिक्षा व्यवस्था, विद्यार्थियों में संस्कार निर्माण और शिक्षकों की सामाजिक जिम्मेदारी जैसे विषयों पर चर्चा हुई।

शिक्षक नई पीढ़ी के चरित्र निर्माण में अहम- योगी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि शिक्षक की भूमिका सिर्फ विद्यार्थियों को किताबी ज्ञान देने तक सीमित नहीं है। शिक्षक नई पीढ़ी के व्यक्तित्व और चरित्र निर्माण में भी महत्वपूर्ण योगदान देते हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल रोजगार उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि जिम्मेदार, अनुशासित और संस्कारवान नागरिक तैयार करना भी होना चाहिए।

‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ पर दिया जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि देश के युवाओं के हाथ में भारत का भविष्य है और यह तय करना जरूरी है कि आने वाली पीढ़ी किस तरह का भारत देखना चाहती है। उन्होंने कहा कि देश को जाति और अन्य आधारों पर विभाजित करने के बजाय एकजुट होकर ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ के निर्माण की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए।

शिक्षकों की जिम्मेदारी बढ़ने की बात कही

सीएम योगी ने कहा कि समाज में विभाजन पैदा करने वाली सोच देश की एकता के लिए चुनौती है। ऐसे माहौल में शिक्षकों की जिम्मेदारी और बढ़ जाती है। उन्होंने शिक्षकों से विद्यार्थियों में राष्ट्रीय एकता, सामाजिक जिम्मेदारी और सकारात्मक सोच विकसित करने की दिशा में काम करने का आह्वान किया।

परिवार और संस्कारों का भी किया जिक्र

मुख्यमंत्री ने बदलती पारिवारिक व्यवस्था का जिक्र करते हुए कहा कि पहले संयुक्त परिवारों में लोग मिलकर कठिन परिस्थितियों का सामना करते थे। वर्तमान समय में परिवार छोटे हुए हैं और एक ही घर में रहते हुए भी लोगों की सोच और दिशाएं अलग-अलग हो सकती हैं। उन्होंने कहा कि समाज और परिवार को मजबूत बनाए रखने के लिए संस्कारों की भूमिका महत्वपूर्ण है।

शिक्षा में नैतिक मूल्यों पर मंथन

कार्यशाला के दौरान शिक्षकों ने शिक्षा व्यवस्था से जुड़े विभिन्न विषयों पर अपने विचार साझा किए। विद्यार्थियों में नैतिक मूल्यों, अनुशासन और सामाजिक दायित्व की भावना विकसित करने पर जोर दिया गया। कार्यक्रम में अखिल विश्व गायत्री परिवार के पदाधिकारियों के साथ बड़ी संख्या में शिक्षक और अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।


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