UP : प्रदेश स्तरीय कुश्ती प्रतियोगिता के समापन पर सीएम योगी की बड़ी घोषणा, 500 खिलाड़ियों को जल्द मिलेगी सरकारी नौकरी
पुरस्कार वितरण समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने खिलाड़ियों को सम्मानित किया और प्रदेश में खेलों को बढ़ावा देने के साथ युवाओं को नशे, अपराध और माफिया तंत्र से दूर रखने पर जोर दिया।

गोरखपुर। गोरखपुर स्थित गोरखनाथ मंदिर परिसर में नाग पंचमी के अवसर पर आयोजित दो दिवसीय प्रदेश स्तरीय सीनियर प्राइजमनी पुरुष कुश्ती प्रतियोगिता का समापन हुआ। पुरस्कार वितरण समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने खिलाड़ियों को सम्मानित किया और प्रदेश में खेलों को बढ़ावा देने के साथ युवाओं को नशे, अपराध और माफिया तंत्र से दूर रखने पर जोर दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि युवा शक्ति देश की सबसे बड़ी ताकत है और इसे कमजोर करने वाली हर व्यवस्था के खिलाफ कड़ी कार्रवाई जरूरी है।
माफिया तंत्र को बताया युवा शक्ति का सबसे बड़ा दुश्मन
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि शिक्षा माफिया, नकल माफिया, खेल माफिया, ड्रग माफिया या किसी भी क्षेत्र में सक्रिय आपराधिक नेटवर्क का सबसे बड़ा नुकसान युवाओं को होता है। उन्होंने कहा कि यदि माफिया तंत्र मजबूत होगा तो इसका सीधा असर युवा पीढ़ी के भविष्य पर पड़ेगा।
सीएम योगी ने कहा कि सरकार ने युवाओं के हितों को ध्यान में रखते हुए सख्त कार्रवाई की नीति अपनाई है। उन्होंने कहा कि किसी भी माफिया ने यदि युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया है तो उसकी संपत्ति जब्त करने समेत कठोर कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
500 और खिलाड़ियों को जल्द मिलेगी सरकारी नौकरी
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश की खेल नीति के तहत देश और प्रदेश के लिए पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी देने की व्यवस्था की गई है। उनके मुताबिक, अब तक 500 से ज्यादा खिलाड़ियों को विभिन्न सरकारी विभागों में रोजगार दिया जा चुका है।
उन्होंने ऐलान किया कि अगले एक महीने के भीतर 500 और पदक विजेता खिलाड़ियों को यूपी पुलिस तथा अन्य विभागों में सरकारी नौकरी देने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। सीएम के अनुसार, खेल प्रतिभाओं को सम्मान के साथ रोजगार का अवसर देना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।
ओलंपिक पदक विजेताओं के लिए करोड़ों की पुरस्कार राशि
मुख्यमंत्री ने प्रदेश के खिलाड़ियों के लिए उपलब्ध प्रोत्साहन योजनाओं की जानकारी देते हुए कहा कि ओलंपिक में गोल्ड मेडल जीतने वाले खिलाड़ियों को उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से 6 करोड़ रुपये, सिल्वर मेडलिस्ट को 4 करोड़ और ब्रॉन्ज मेडल विजेता को 2 करोड़ रुपये की पुरस्कार राशि दी जाती है।
उन्होंने कहा कि ओलंपिक में भाग लेने वाले खिलाड़ियों को भी आर्थिक सहायता दी जाती है, जबकि कॉमनवेल्थ गेम्स और एशियाई खेलों में प्रतिभाग करने वाले खिलाड़ियों के लिए भी प्रोत्साहन की व्यवस्था की गई है।
गांव से कमिश्नरी स्तर तक खेल सुविधाओं का नेटवर्क
सीएम योगी ने कहा कि सरकार प्रदेश में खेलों के लिए एक मजबूत इकोसिस्टम तैयार कर रही है। लक्ष्य है कि गांवों में खेल मैदान और ओपन जिम हों, विकासखंड स्तर पर मिनी स्टेडियम, हर जिले में स्टेडियम और कमिश्नरी स्तर पर स्पोर्ट्स कॉलेज विकसित किए जाएं।
उन्होंने कहा कि स्पोर्ट्स कॉलेजों में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किए जाएंगे, जहां अलग-अलग खेलों में विशेषज्ञ प्रशिक्षण और उच्चस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इसके लिए अनुभवी खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों की विशेषज्ञता का भी इस्तेमाल किया जाएगा।
मेरठ में स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी का भी किया जिक्र
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में पहले स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी की कमी थी, लेकिन अब मेरठ में हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद के नाम पर स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी स्थापित की गई है। वहां पाठ्यक्रम शुरू हो चुके हैं और खेल गतिविधियों को बढ़ावा दिया जा रहा है।
उन्होंने युवाओं से इन सुविधाओं का लाभ उठाने और बड़े स्तर की प्रतियोगिताओं के लिए अभी से तैयारी शुरू करने की अपील की। मुख्यमंत्री ने 2030 के कॉमनवेल्थ गेम्स का भी उल्लेख करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश का कोई प्रतिभाशाली खिलाड़ी इस अवसर से चूकना नहीं चाहिए।
ड्रग्स के साथ स्मार्टफोन के अत्यधिक इस्तेमाल से भी सावधान
मुख्यमंत्री ने युवाओं को नशे की बढ़ती समस्या के साथ स्मार्टफोन के अत्यधिक इस्तेमाल को लेकर भी चेताया। उन्होंने कहा कि ड्रग माफिया युवाओं के भविष्य को नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रहा है और समाज के हर जागरूक नागरिक को इसके खिलाफ अभियान का हिस्सा बनना चाहिए।
उन्होंने युवाओं से स्मार्टफोन के अनावश्यक इस्तेमाल को कम करने की अपील करते हुए कहा कि बचाए गए समय का कुछ हिस्सा व्यायाम और शारीरिक गतिविधियों को देना चाहिए। उनके मुताबिक, शरीर स्वस्थ रहेगा तो मानसिक स्वास्थ्य बेहतर होगा और युवा अपनी क्षमता का बेहतर इस्तेमाल कर सकेंगे।
खिलाड़ियों के लिए आत्म-अनुशासन सबसे जरूरी
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि किसी खिलाड़ी की सफलता की पहली शर्त आत्म-अनुशासन और आत्म-संयम है। समय पर उठना, पर्याप्त नींद लेना, संतुलित भोजन करना और नियमित अभ्यास खिलाड़ी की दिनचर्या का हिस्सा होना चाहिए।
उन्होंने गुरु-शिष्य परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि अखाड़े में प्रवेश करने से पहले पहलवान अपने गुरु और उस्ताद को सम्मान देता है। यह परंपरा केवल संस्कार नहीं, बल्कि अनुशासन, समर्पण और सीखने की भावना को मजबूत करती है।
जल्द आएगी नई युवा नीति
मुख्यमंत्री ने बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार जल्द अपनी नई युवा नीति लेकर आने वाली है। इसके तहत युवाओं के लिए विभिन्न कार्यक्रम और गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए ‘अभ्युदय कोचिंग’ को हर कॉलेज और विश्वविद्यालय तक पहुंचाने की योजना भी बताई गई।
इसके अलावा सरकार हर जिले में एम्प्लॉयमेंट जोन विकसित करने की दिशा में काम कर रही है। मुख्यमंत्री के अनुसार, इन केंद्रों पर युवाओं को एक ही स्थान पर स्किल ट्रेनिंग, करियर मार्गदर्शन और रोजगार से जोड़ने की सुविधा उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा।
खेल और रोजगार के जरिए युवाओं को मजबूत बनाने का लक्ष्य
सीएम योगी ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता युवाओं को अवसर, सुरक्षा, शिक्षा, खेल और रोजगार का बेहतर वातावरण देना है। उनका कहना है कि जब युवा खेल और सकारात्मक गतिविधियों से जुड़ेंगे तो वे नशे और अपराध से भी दूर रहेंगे।
मुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों से मेहनत, अनुशासन और लक्ष्य के प्रति समर्पण बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि खेल के मैदान से निकली युवा शक्ति उत्तर प्रदेश के साथ-साथ पूरे देश को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।


