US-Iran: अमेरिका-ईरान समझौते पर उपराष्ट्रपति का भरोसा, बोले- अब काम के आधार पर होगी परख
US-Iran: नई दिल्ली: अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने ईरान के साथ हुए नए समझौते (MoU) का समर्थन करते हुए कहा है कि इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह सिर्फ वादों तक सीमित नहीं है। सीबीएन न्यूज को दिए एक साक्षात्कार में उन्होंने कहा कि अब ईरान का आकलन उसकी बातों से नहीं, बल्कि उसके व्यवहार और कार्यों के आधार पर किया जाएगा।
वेंस ने बताया कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनका प्रशासन ईरान में निर्दोष प्रदर्शनकारियों की हत्या की घटनाओं से चिंतित था। उन्होंने कहा कि कुछ महीने पहले सत्ता में रहे लोगों ने प्रदर्शनकारियों के साथ बहुत बुरा व्यवहार किया था, लेकिन वे अब सत्ता में नहीं हैं। अमेरिका अब यह देखना चाहता है कि नया नेतृत्व अपने नागरिकों के साथ कैसा व्यवहार करता है।
वेंस ने उम्मीद जताई कि ईरान का नया नेतृत्व सुधार की दिशा में कदम उठाएगा। उन्होंने कहा कि अगर ऐसा नहीं हुआ तो अमेरिका उसके वास्तविक व्यवहार को देखकर आगे का फैसला करेगा। उन्होंने यह भी दोहराया कि यह समझौता केवल कागजी नहीं है और अमेरिका ईरान की गतिविधियों पर नजर रखेगा।
इस समझौते के तहत ईरान को अपने संवर्धित यूरेनियम भंडार को अंतरराष्ट्रीय निगरानी में कम करना होगा और परमाणु हथियार विकसित न करने का वादा करना होगा। हालांकि, अमेरिका में कुछ नेताओं ने इस समझौते का विरोध भी किया है। वहीं, जेडी वेंस जल्द ही स्विट्जरलैंड जाकर बातचीत के अगले चरण में हिस्सा लेंगे।

