UP News : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को दिए कड़े निर्देश, कहा- राजस्व वादों का तेज निस्तारण सुनिश्चित करें

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राजस्व न्यायालयों में लंबित वादों की उच्चस्तरीय समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि राजस्व मामलों का त्वरित, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सीएम योगी ने कहा कि भूमि और राजस्व से जुड़े विवाद सीधे आमजन, किसानों और सामाजिक सौहार्द से जुड़े होते हैं, इसलिए इनमें किसी भी प्रकार का अनावश्यक विलंब स्वीकार्य नहीं होगा।
लंबित वादों पर सख्ती, समय-सीमा का पालन अनिवार्य
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि निर्धारित समय-सीमा के बाद भी लंबित रहने वाले मामलों में संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए। उन्होंने तकनीकी आधारित व्यवस्था, जवाबदेही और समयबद्ध कार्यप्रणाली के माध्यम से राजस्व न्यायालयों की कार्यक्षमता बढ़ाने के निर्देश दिए। सीएम योगी ने कहा कि वर्षों से लंबित पुराने मामलों का अभियान चलाकर प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण किया जाए ताकि आम नागरिक को शीघ्र न्याय मिल सके।
कमजोर प्रदर्शन वाले जिलों पर नजर, विशेष रणनीति बने
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि तहसील और जनपद स्तर पर नियमित समीक्षा हो। जिन जिलों में प्रगति संतोषजनक नहीं है, वहां वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा मॉनिटरिंग की जाए। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि राजस्व न्यायालयों का कार्य केवल आंकड़ों तक सीमित न रहे, बल्कि आमजन को वास्तविक राहत मिलनी चाहिए। कमजोर प्रदर्शन करने वाले अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए।
मौसम चेतावनी प्रणाली को और सशक्त बनाने के निर्देश
बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में मौसम संबंधी पूर्व चेतावनी प्रणाली को और अधिक सटीक, त्वरित एवं जनकेंद्रित बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने गांवों और संवेदनशील क्षेत्रों तक ‘लास्ट माइल कनेक्टिविटी’ सुनिश्चित करने के लिए आईवीआरएस, पंचायत स्तर पर लाउडस्पीकर, स्थानीय एफएम रेडियो, मोबाइल अलर्ट और सोशल मीडिया का व्यापक उपयोग करने को कहा।
तकनीकी सशक्तीकरण पर फोकस
प्रदेश में वर्तमान में 450 ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन और 2,000 ऑटोमैटिक रेन गेज के माध्यम से मौसम निगरानी की जा रही है। इसके अलावा विभिन्न जनपदों में डॉप्लर वेदर रडार स्थापित किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने जनजागरूकता, तकनीकी सशक्तीकरण और समन्वित आपदा प्रबंधन के माध्यम से प्रदेश को मौसम आपदाओं के प्रति अधिक सुरक्षित बनाने के निर्देश दिए।


