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Udaipur Files: सुप्रीम कोर्ट में फिल्म पर लगी रोक के खिलाफ सुनवाई जल्द, जानें किस सीन को लेकर लगी थी रोक

सुप्रीम कोर्ट ने मामले की सुनवाई के लिए हामी भर दी है और अब यह तय करेगा कि फिल्म पर लगी अंतरिम रोक जारी रहेगी या हटेगी।

Udaipur Files: सुप्रीम कोर्ट में फिल्म पर लगी रोक के खिलाफ सुनवाई जल्द, जानें किस सीन को लेकर लगी थी रोक
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Udaipur Files: नई दिल्ली। बहुचर्चित कन्हैयालाल हत्याकांड पर आधारित फिल्म ‘उदयपुर फाइल्स’ की रिलीज पर दिल्ली हाईकोर्ट द्वारा लगाई गई रोक के खिलाफ फिल्म निर्माताओं ने अब सुप्रीम कोर्ट का रुख कर लिया है। सुप्रीम कोर्ट ने मामले की सुनवाई के लिए हामी भर दी है और अब यह तय करेगा कि फिल्म पर लगी अंतरिम रोक जारी रहेगी या हटेगी।

क्यों लगी फिल्म पर रोक?

उदयपुर फाइल्स फिल्म राजस्थान के उदयपुर में 28 जून 2022 को हुए कन्हैयालाल हत्याकांड पर आधारित है, जिसमें दर्जी कन्हैयालाल की दो लोगों ने निर्मम हत्या कर दी थी। फिल्म में इस घटना के इर्द-गिर्द की परिस्थितियों और इसके पीछे के कारणों को उजागर करने की कोशिश की गई है। फिल्म में अभिनेता विजय राज मुख्य भूमिका निभा रहे हैं।

फिल्म की रिलीज 11 जुलाई को प्रस्तावित थी, लेकिन ठीक एक दिन पहले 10 जुलाई को दिल्ली हाईकोर्ट ने इस पर अंतरिम रोक लगा दी। रोक जमीयत उलेमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी और अन्य याचिकाकर्ताओं की याचिका पर लगाई गई। उनका कहना है कि फिल्म से सांप्रदायिक सौहार्द बिगड़ सकता है और यह मुस्लिम समुदाय को नकारात्मक रूप में प्रस्तुत करती है।

सुप्रीम कोर्ट में अब क्या?

फिल्म निर्माताओं ने हाईकोर्ट के इस फैसले को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। सुप्रीम कोर्ट ने मामले को सूचीबद्ध कर लिया है और अब जल्द ही सुनवाई की तारीख तय की जाएगी। कन्हैयालाल के परिजनों ने भी फिल्म के समर्थन में आवाज उठाई है।

कन्हैयालाल की पत्नी ने पीएम मोदी को लिखा पत्र-

मृतक कन्हैयालाल की पत्नी जसोदा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर फिल्म की रिलीज की अनुमति देने की मांग की है। उनका कहना है कि इस फिल्म के माध्यम से देश को कन्हैयालाल की हत्या की सच्चाई पता चलनी चाहिए।

फिल्म का उद्देश्य-

फिल्म निर्माता का दावा है कि उदयपुर फाइल्स का मकसद किसी धर्म या समुदाय को बदनाम करना नहीं, बल्कि नफरत और कट्टरता के खिलाफ एक सामाजिक संदेश देना है। फिल्म के जरिए दर्शकों को यह समझाने की कोशिश की गई है कि किस तरह नफरत से प्रेरित घटनाएं समाज को नुकसान पहुंचाती हैं।


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