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दो दिन की नवजात का गला काट कचरे के ढेर में छोड़ा... रात भर ठंड में ठिठुरी फिर भी जिंदगी की जंग जीत गई

दो दिन की नवजात का गला काट कचरे के ढेर में छोड़ा... रात भर ठंड में ठिठुरी फिर भी जिंदगी की जंग जीत गई
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भोपाल/ राजगढ़। राजगढ़ जिले के पचोर शहर में अमानवीयता की पराकाष्ठा से भरी घटना सामने आई है। जहां सुबह के समय मेला ग्राउण्ड के समीप मॉर्निंग वॉक पर निकले लोगो को बच्ची के रोने की आवाज सुनाई दी। जब सर्चिंग की तो एक दो दिन की नवजात बच्ची घायल अवस्था में कचरे के ढेर में मिली। बच्ची के गले पर कट का निशान था। जिससे प्रतीत होता है कि उसको मारने की कोशिश की गई। उसके बाद भी 5 डिग्री ठंड में नवजात रात भर पड़ी रही। लेकिन वह कहते हैं ना कि जाको राखे साइयां मार सके ना कोई वाली कहावत पचोर में सिद्ध हुई।बालिका के शरीर में मूवमेंट देख आसपास से गुजरते लोगों ने तुरंत इस बात की सूचना पुलिस को दी।

पुलिस ने मौके पर पहुंचकर ठंड से ठिठुरती नवजात को पचोर अस्पताल भिजवाया। पचोर में प्राथमिक ईलाज के बाद बच्ची को राजगढ़ रेफर किया गया जहां से भी दोपहर उपरान्त उसे गंभीर स्थिति को देखते हुए भोपाल रेफर कर दिया गया। फिलाहल बच्ची सुरक्षित हैं। मिली जानकारी अनुसार शनिवार को पचोर शहर में रोजाना की तरह आम-जीवन चल रहा था। सुबह करीब 9 बजे मेला ग्राउण्ड के पास कचरे के ढेर में एक नवजात बच्ची के रोने की आवाज सुन आसपास से गुजरते लोग सकते में आ गए। पास जाकर देखा तो एक नवजात बालिका नंगे बदन खुले आसमान के नीचे कचरे के ढेर में पड़ी हुई थी।

वहीं बच्ची का गला भी कटा हुआ था। स्थानीय लोगों ने तुरंत इस बात की सूचना पचोर थाने में दी। पचोर की महिला पुलिस द्वारा पहले नवजात बालिका को पचोर सिविल अस्पताल ले जाया गया जहां से प्राथमिक उपचार उपरान्त उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। जिला अस्पताल के एसएनसीयू वार्ड में काफी समय तक बालिका को उपचार मिला लेकिन गले में गंभीर चोट के चलते क्रिटिकल आपरेशन की स्थिति देख बच्ची को भोपाल रेफर कर दिया गया। अमानवीयता से भरी यह घटना पूरे दिन सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी रही और लोग इस बालिका को छोड़कर गए माता-पिता/परिजनों को कौंसते नजर आए।


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