Breaking News
Download App
:

पर्यावरण बचाने लोगों ने की गंगा आरती, इंद्रावती नदी के महाआरती का साक्षी बना लिया पर्यावरण संरक्षण का संकल्प

top-news

पर्यावरण बचाने लोगों ने की गंगा आरती, इंद्रावती नदी के महाआरती का साक्षी बना लिया पर्यावरण संरक्षण का संकल्प


 बीजापुर: पर्यावरण संरक्षण एवं बस्तर की जीवनदायिनी के प्रति कृतज्ञता प्रकट करने हुई इंद्रावती नदी में की गई महाआरती...भोपालपटनम में विशाल जनसमुदाय ने इंद्रावती नदी के महाआरती का साक्षी बना लिया पर्यावरण संरक्षण का संकल्प...

बीजापुर ज़िलें में बस्तर की परंपरा, बस्तर का वैभव और बस्तर की जीवनदायिनी इंद्रावती नदी के प्रति अपनी कृतज्ञता प्रकट करने बीजापुर जिले के प्रकृति प्रेमियों विशाल जनसमुदाय जगन्नाथ रथयात्रा के पावन अवसर पर भोपालपटनम में इंद्रावती नदी के किनारे जुटे।  बस्तर का जीवनदायिनी कही जाने वाली इंद्रावती नदी के प्रति अपने स्नेह के प्रदर्शन के लिए और मानसून में इसके यशस्वी प्रवाह के लिए इंद्रावती महाआरती का आयोजन किया गया।


इन्द्रावती नदी के प्रति आमजनों के अपार उत्साह को देखते हुए इस आयोजन के साथ जिला प्रशासन का भी विशेष सहयोग रहा। आयोजन के संबंध में जब आयोजकगण कलेक्टर अनुराग पाण्डेय से मिले तो उन्होंने इसकी बहुत सराहना की और कहा कि प्रशासन भी आपके साथ मिलकर आयोजन में सहयोग करेगा और हम सब बीजापुर के नागरिकगण इस आयोजन में हिस्सा लेंगे। पूर्व वन मंत्री महेश गागड़ा ने बताया हरिद्वार,वाराणसी में गंगा जी के किनारे गंगा आरती और जबलपुर में नर्मदा जी के किनारे मां नर्मदा की आरती होती है। 

इस तरह की महाआरती भोपालपटनम के तीमेड घाट इंद्रावती नदी में भी की गई।नदी, पहाड़, वन जैसे पर्यावरण के सरंक्षण करें हमारे बस्तर का वैभव हमारे छत्तीसगढ़ का वैभव दुनिया में इंद्रावती नदी की वजह से है। इंद्रावती नदी चित्रकूट में बड़ा जलप्रपात बनती है जिसे भारत का नियाग्रा भी कहा जाता है। इंद्रावती नदी के सुंदर समुद्र तट देश भर से लोगों को आकर्षित करते हैं।कलेक्टर अनुराग पाण्डेय ने धार्मिक सांस्कृतिक एवं अन्य आयोजन सहित नागरिकों के उपयोग हेतु इन्द्रावती नदी पर 35 लाख की लागत से घाट निर्माण की घोषणा की।