इंतजार खत्म : OnePlus 15 सीरीज में ColorOS की एंट्री, भारत में 600 यूजर्स के साथ शुरू हुआ क्लोज्ड बीटा टेस्ट, जानें यूजर्स के लिए क्या बदलेगा?
oneplus-15-coloros-closed-beta-india: नई दिल्ली। OnePlus ने भारत में अपने OnePlus 15 और OnePlus 15R स्मार्टफोन के लिए ColorOS का क्लोज्ड बीटा टेस्ट शुरू कर दिया है। कंपनी ने फिलहाल इसे सीमित संख्या में यूजर्स तक रखा है, ताकि बड़े पैमाने पर रोलआउट से पहले नए सॉफ्टवेयर की स्थिरता और यूजर एक्सपीरियंस को परखा जा सके।

oneplus-15-coloros-closed-beta-india: नई दिल्ली। OnePlus ने भारत में अपने OnePlus 15 और OnePlus 15R स्मार्टफोन के लिए ColorOS का क्लोज्ड बीटा टेस्ट शुरू कर दिया है। कंपनी ने फिलहाल इसे सीमित संख्या में यूजर्स तक रखा है, ताकि बड़े पैमाने पर रोलआउट से पहले नए सॉफ्टवेयर की स्थिरता और यूजर एक्सपीरियंस को परखा जा सके।
OnePlus 15 के लिए कंपनी ने अधिकतम 300 यूजर्स को बीटा प्रोग्राम में शामिल करने की बात कही थी। वहीं, OnePlus 15R के लिए भी करीब 300 यूजर्स को इस टेस्टिंग प्रोग्राम का हिस्सा बनाए जाने की जानकारी सामने आई है। फिलहाल यह सुविधा दोनों स्मार्टफोन के भारतीय वैरिएंट तक ही सीमित है।
चुनिंदा यूजर्स को मिला अर्ली एक्सेस
OnePlus ने भारत में OnePlus 15 यूजर्स के एक चुनिंदा ग्रुप को ColorOS क्लोज्ड बीटा के लिए आमंत्रित किया था। इसके लिए आवेदन 6 और 7 अगस्त को लिए गए। बीटा प्रोग्राम में शामिल होने वाले यूजर्स के पास OnePlus का इंडियन वैरिएंट, रजिस्टर्ड OnePlus Community अकाउंट और जरूरी गोपनीयता समझौता होना आवश्यक था। टेस्टर्स को सॉफ्टवेयर टीम के साथ फीडबैक साझा करने के लिए एक Telegram ग्रुप से भी जुड़ना होगा।
कंपनी ने साफ किया है कि बीटा बिल्ड को रोजाना इस्तेमाल के लिए पूरी तरह स्थिर नहीं माना जाना चाहिए। इसमें क्रैश, ऐप कम्पैटिबिलिटी और अन्य तकनीकी समस्याएं सामने आ सकती हैं। इसलिए कंपनी ने टेस्टर्स को अपने जरूरी डेटा का नियमित बैकअप रखने की सलाह दी है।
OxygenOS से ColorOS में होगा बदलाव
इस बीटा प्रोग्राम की सबसे बड़ी खासियत यह है कि योग्य OnePlus डिवाइस OxygenOS से ColorOS पर शिफ्ट होंगे। OnePlus ने इस बदलाव को Oppo के साथ इंजीनियरिंग संसाधनों को साझा करने और भविष्य में सॉफ्टवेयर अपडेट को ज्यादा तेजी से उपलब्ध कराने की रणनीति से जोड़ा है।
ColorOS Oppo का सॉफ्टवेयर प्लेटफॉर्म है और इस बदलाव के बाद OnePlus के सॉफ्टवेयर अनुभव का Oppo के इकोसिस्टम से जुड़ाव और मजबूत हो सकता है। भारत में शुरू किया गया यह सीमित बीटा इस संभावित बदलाव की पहली बड़ी झलक माना जा रहा है।
यूजर्स के लिए क्या बदलेगा?
फिलहाल OnePlus ने यह स्पष्ट नहीं किया है कि ColorOS पर जाने के बाद यूजर्स के इंटरफेस, सेटिंग्स, डिवाइस मैनेजमेंट और लंबे समय के सॉफ्टवेयर अपडेट में कितने बड़े बदलाव देखने को मिलेंगे। यही वजह है कि बीटा प्रोग्राम को इन बदलावों की वास्तविक स्थिति समझने के लिहाज से अहम माना जा रहा है।
कंपनी ने अभी तक सभी यूजर्स के लिए ColorOS के स्टेबल वर्जन के बड़े पैमाने पर रोलआउट की निश्चित तारीख भी सार्वजनिक नहीं की है। ऐसे में फिलहाल यह साफ नहीं है कि अगले चरण में किन OnePlus डिवाइस को ColorOS मिलेगा और मौजूदा OxygenOS इंस्टॉलेशन से नए प्लेटफॉर्म पर माइग्रेशन किस तरह किया जाएगा।
बीटा इंस्टॉल करने से पहले सावधानी जरूरी
जो यूजर्स ColorOS बीटा को आजमाना चाहते हैं, उन्हें अपने मुख्य या बेहद जरूरी काम वाले फोन पर इसे इंस्टॉल करने से बचना चाहिए। बीटा सॉफ्टवेयर में तकनीकी दिक्कतों की संभावना रहती है। जरूरी डेटा का बैकअप रखने और स्टेबल रिलीज का इंतजार करने को ज्यादा सुरक्षित विकल्प माना जा सकता है।
OnePlus के इस कदम से कंपनी के सॉफ्टवेयर भविष्य को लेकर तस्वीर धीरे-धीरे साफ हो रही है। हालांकि, बड़े पैमाने पर ColorOS रोलआउट से पहले कंपनी की ओर से डिवाइस सपोर्ट, डेटा माइग्रेशन और अपडेट पॉलिसी पर विस्तृत जानकारी का इंतजार रहेगा।


