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बोर्ड परीक्षाओं को लेकर शिक्षकों की छुट्टियां कैंसिल, प्रसूता अवकाश पर भी पाबंदी...

जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय ने एक सप्ताह में रिपोर्ट मांगी है कि कितने शिक्षक लीव से लौटे और कितनों ने मनाही की है।

बोर्ड परीक्षाओं को लेकर शिक्षकों की छुट्टियां कैंसिल, प्रसूता अवकाश पर भी पाबंदी...
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MP News : भोपाल। दसवीं एवं बारहवीं की बोर्ड परीक्षाओं को लेकर अधिकारियों की चिंताएं बढ़ी हैं। राजधानी में मार्च तक अब किसी भी महिला शिक्षक को प्रसूति अवकाश नहीं दिया जाएगा। जितने शिक्षक मंत्री विधायकों से लेकर वरिष्ठ कार्यालयों में अटैच हैं। उन्हें स्कूलों में पहुंचना होगा अन्यथ इनका वेतन नहीं बनाया जाएगा। राजधानी में तकरीबन आधा सैकड़ा महिला शिक्षक ऐसी हैं, जो 6 माह के लिए प्रसूति अवकाश पर हैं। जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय ने इन्हें स्कूलों में पहुंचने के निर्देश दिए हैं।

MP News : सभी संकुल प्राचार्यों से यह भी कहा गया कि अब किसी भी महिला शिक्षक को प्रसूति अवकाश देने के लिए रिकमंडेशन न की जाए। वर्तमान में जो लीव पर हैं, उन्हें तत्काल बुलाया जाए। अगर विशेष परिस्थति है तो मेडीकल के आधार पर इन्हें अवकाश मिलेगा। जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय ने एक सप्ताह में रिपोर्ट मांगी है कि कितने शिक्षक लीव से लौटे और कितनों ने मनाही की है।

MP News : अर्धवार्षिक परीक्षा को लेकर चिंता-

राजधानी में अर्धवार्षिक परीक्षाओं को लेकर चिंता बढ़ी है। परीक्षाओं का मूल्यांकन कार्य प्रारंभ हुआ है। इसमें बच्चों की दक्षताओं में आशातीत प्रगति नहीं आ पा रही है। इसके पीछे वजह यही है कि बच्चों को कक्षाओं में समय पर अध्यापन नही मिल पाया है। नतीजतन शिक्षकों की छुट्टियों और अटैचमेंट पर सख्ती बरती गई है। कारण है कि जो बच्चे अदर्धवार्षिक परीक्षाओं में कमजोर निकलकर आ रहे हैं। उनकी रिमेडियल कक्षाएं लगाई जानी है। इसके लिए शिक्षकों की जरूरत है। इस कारण ऐसे शिक्षकों को स्कूलों में बुलाया जा रहा है।

MP News : अटैच शिक्षकों को नहीं मिलेगा वेतन-

भोपाल में जितने शिक्षक मंत्री विधायकों से लेकर वरिष्ठ कार्यालयों में अटैच हैं। उन्हें तत्काल स्कूलों में लौटने के निर्देश दिए गए हैं। इसके बाकायदा आदेश जारी हुए हैं। डीईओ कार्यालय ने यह भी कहा है कि अगर यह शिक्षक नहीं लौटते हैं तो संकुलों से इनका वेतन नही बनाया जाये। जितने शिक्षक बीएलओ के कार्य में संलग्न हैं। उन्हें पहले स्कूलों में पढ़ाना होगा। इसके बाद उन्हें मतदाता सूची का कार्य करना होगा। कार्यालय के मुताबिक 50 शिक्षक ऐसे हैं जो मूल संस्था छोड़कर दूसरी जगह बाबूगिरी में अटैच है। 150 शिक्षक बीएलओ के कार्य में लगे हुए हैं।


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