Tamil Nadu: तमिलनाडु विधानसभा का पहला सत्र शुरू, दो-भाषा नीति और राज्य के अधिकारों पर जोर

Tamil Nadu: नई दिल्ली: तमिलनाडु विधानसभा का नया सत्र गुरुवार से शुरू हो गया। टीवीके सरकार के गठन के बाद यह विधानसभा का पहला सत्र है। सत्र की शुरुआत तमिल गीत और राष्ट्रगान के साथ हुई। इसके बाद राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने सदन को संबोधित किया। अपने भाषण की शुरुआत में उन्होंने अन्ना और पेरियार ईवीआर जैसी महान हस्तियों को याद किया और राज्य में हुए राजनीतिक बदलाव का उल्लेख किया।
राज्यपाल ने कहा कि सरकार तमिल और अंग्रेजी की मौजूदा दो-भाषा नीति को जारी रखेगी। उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) को लेकर राज्य सरकार के रुख को भी दोहराया। उनके अनुसार, सरकार का मानना है कि केंद्रीय फंड को तीन-भाषा फार्मूले से नहीं जोड़ा जाना चाहिए और केंद्र को इस विषय पर अपने फैसले पर पुनर्विचार करना चाहिए।
अपने संबोधन में राज्यपाल ने बताया कि मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को राज्य की कई लंबित मांगों से जुड़ा ज्ञापन सौंपा है। इसमें मेकेदातु बांध और मछुआरों से जुड़े मुद्दे शामिल हैं। उन्होंने कहा कि विधानसभा में एक प्रस्ताव लाया जाएगा, जिसमें केंद्र से करों में तमिलनाडु के उचित हिस्से की मांग की जाएगी। राज्यपाल ने यह भी बताया कि वित्तीय हस्तांतरण के मुद्दे पर एक विशेष कानूनी समिति बनाई जाएगी। साथ ही उन्होंने कहा कि पिछले पांच वर्षों में राज्य का कर्ज बढ़कर लगभग 10 लाख करोड़ रुपये हो गया है, जिससे राज्य की वित्तीय स्थिति पर दबाव बढ़ा है।


