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Supreme Court Order Work from Home: वर्क फ्रॉम होम को लेकर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा आदेश, 2 दिन होगी वर्चुअल सुनवाई, जज भी करेंगे कार-पूलिंग

Supreme Court, Work from Home

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील के बाद Supreme Court ने सप्ताह में दो दिन वर्चुअल सुनवाई और कर्मचारियों के लिए Work from Home लागू करने का फैसला किया है।

 Supreme Court Order Work from Home: नई दिल्ली। Supreme Court: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील का असर अब सुप्रीम कोर्ट में भी दिखाई देने लगा है। सुप्रीम कोर्ट ने सप्ताह में दो दिन वर्चुअल सुनवाई और कर्मचारियों के लिए वर्क फ्रॉम होम (WFH) व्यवस्था लागू करने का फैसला किया है। जारी सर्कुलर के मुताबिक अब सोमवार और शुक्रवार को सुनवाई ऑनलाइन मोड में की जाएगी।


Supreme Court Order Work from Home: सर्कुलर में कहा गया है कि सोमवार, शुक्रवार और अन्य ‘मिसलेनियस डे’ पर अदालत में फिजिकल सुनवाई नहीं होगी। इन दिनों वकील और पक्षकार वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अपनी दलीलें पेश करेंगे। इसके अलावा आंशिक कार्य दिवसों में भी अदालत की कार्यवाही वर्चुअल मोड में संचालित की जाएगी।


Supreme Court Order Work from Home: अदालत प्रशासन ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के लिंक समय से उपलब्ध कराए जाएं, ताकि सुनवाई में किसी प्रकार की तकनीकी समस्या न आए। साथ ही डिजिटल व्यवस्था को और मजबूत करने पर भी जोर दिया गया है।


Supreme Court Order Work from Home: 50 फीसदी कर्मचारियों को मिलेगी वर्क फ्रॉम होम की सुविधा


नई व्यवस्था के तहत सुप्रीम कोर्ट की विभिन्न शाखाओं और सेक्शनों में 50 प्रतिशत तक कर्मचारियों को सप्ताह में दो दिन घर से काम करने की अनुमति दी गई है। हालांकि अदालत के नियमित कामकाज को प्रभावित होने से बचाने के लिए शेष कर्मचारियों की कार्यालय में उपस्थिति अनिवार्य रहेगी।


Supreme Court Order Work from Home: प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि वर्क फ्रॉम होम की सुविधा पाने वाले कर्मचारियों को हर समय फोन पर उपलब्ध रहना होगा। जरूरत पड़ने पर उन्हें तुरंत कार्यालय बुलाया जा सकता है। अधिकारियों को यह भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं कि सभी जरूरी फाइलें और प्रशासनिक कार्य तय समय सीमा में पूरे हों।


Supreme Court Order Work from Home: ईंधन बचत के लिए जज करेंगे कार-पूलिंग


सुप्रीम कोर्ट के जजों ने ईंधन बचत और पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए कार-पूलिंग को बढ़ावा देने का निर्णय लिया है। आवश्यकता पड़ने पर जज एक ही वाहन में यात्रा करेंगे। सर्कुलर में यह भी कहा गया है कि यदि किसी विभाग में कार्य का दबाव अधिक हुआ या वहां वर्क फ्रॉम होम व्यवस्था उपयुक्त नहीं पाई गई, तो संबंधित रजिस्ट्रार जरूरत के अनुसार इस व्यवस्था में बदलाव कर सकेंगे।

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