Top
Begin typing your search above and press enter to search.
ताजा खबर

CGMSC Scam: सीजीएमएससी घोटाला में पूरक चालान पेश, सिंडिकेट ने दवा निगम को पहुंचाया 550 करोड़ को नुकसान

इनके खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 409, 120-बी और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज है।

CGMSC Scam: सीजीएमएससी घोटाला में पूरक चालान पेश,  सिंडिकेट ने दवा निगम को पहुंचाया 550 करोड़ को नुकसान
X

CGMSC Scam: रायपुर। छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेज कॉर्पोरेशन ( Supplementary Charge Sheet Filed in CGMSC Scam ) से जुड़े बहुचर्चित घोटाले में एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने गुरुवार 16 अप्रैल 2026 को न्यायालय में चालान प्रस्तुत किया। इस मामले में अभिषेक कौशल (डायरेक्टर, रिकॉर्डर्स एंड मेडिकेयर सिस्टम्स प्रा. लि., पंचकुला), राकेश जैन (प्रोप्राइटर, श्री शारदा इंडस्ट्रीज, रायपुर), प्रिंस जैन (लायजनर) और कुंजल शर्मा (मार्केटिंग हेड, डायसिस इंडिया प्रा. लि., नवी मुंबई) को आरोपी बनाया गया है। इनके खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 409, 120-बी और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज है।

एसीबी ने अपने पूरक चालान में कोर्ट को बतया है कि ‘हमर लैब योजना’ के तहत सरकारी अस्पतालों में मुफ्त डायग्नोस्टिक सुविधा के लिए मेडिकल उपकरण और रिएजेंट्स की खरीदी में टेंडर प्रक्रिया में गंभीर गड़बड़ी की गई। आरोप है कि संबंधित फर्मों ने आपसी सांठगांठ (कार्टलाइजेशन) कर टेंडर में भाग लिया और फर्जी दस्तावेजों के जरिए अपनी पात्रता साबित की।

क्या है CGMSC घोटाला-

एसीबी के अफसरों की जांच में सामने आया है, कि तीनों प्रमुख फर्मों मोक्षित कॉर्पोरेशन, रिकॉर्डर्स एंड मेडिकेयर सिस्टम्स और श्री शारदा इंडस्ट्रीज ने मिलकर टेंडर में समान पैटर्न पर उत्पाद, पैक साइज और दरें भरीं। जांच में यह भी सामने आया कि जिन उत्पादों का स्पष्ट उल्लेख नहीं था, उन्हें भी एक जैसे तरीके से प्रस्तुत किया गया। सबसे कम दर मौक्षित कॉर्पोरेशन की रही, जिसके बाद अन्य फर्मों की दरें रखी गईं।

इसके अलावा, डायसिस कंपनी के मार्केटिंग हेड कुंजल शर्मा पर आरोप है कि उन्होंने षड्यंत्रपूर्वक रिएजेंट्स और कंज्यूमेबल्स की कीमत वास्तविक एमआरपी से कई गुना अधिक दिखाकर CGMSC को भेजी। इसके चलते टेंडर में अत्यधिक दरें स्वीकृत हो गईं और सरकार को लगभग 550 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ।

इस ममाले में दिसंबर 2024 में पूर्व गृहमंत्री ननकीराम कंवर ने दिल्ली जाकर प्रधानमंत्री कार्यालय, केंद्रीय गृह मंत्रालय, सीबीआई और ईडी मुख्यालय में सीजी-एमएससी में हुए घोटाले की शिकायत की थी। उनकी शिकायत पर केंद्र सरकार ने ईओडब्ल्यू को जांच के निर्देश दिए। इसके बाद ईओडब्ल्यू ने पांच लोगों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज की।


Next Story
All Rights Reserved. Copyright @2019
Powered By Hocalwire