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Glasgow Commonwealth Games 2026: ग्लास्गो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत के लिए बड़ी चुनौती, 30 पदक दिलाने वाले 6 खेल इस बार नहीं होंगे शामिल

Glasgow Commonwealth Games 2026: ग्लास्गो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत के लिए बड़ी चुनौती, 30 पदक दिलाने वाले 6 खेल इस बार नहीं होंगे शामिल
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Glasgow Commonwealth Games 2026 : नई दिल्ली : कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 का आयोजन 23 जुलाई से 2 अगस्त तक स्कॉटलैंड के ग्लास्गो शहर में होगा। इस बार प्रतियोगिता का स्वरूप पहले की तुलना में काफी अलग रहने वाला है। खेलों की संख्या सीमित कर दी गई है, जिसका सबसे बड़ा असर भारत जैसे देशों पर पड़ सकता है। खासकर उन खेलों को कार्यक्रम से बाहर कर दिया गया है, जिनमें भारत लगातार शानदार प्रदर्शन करता रहा है।

भारत के 30 पदक दिलाने वाले 6 खेल कार्यक्रम से बाहर

बर्मिंघम कॉमनवेल्थ गेम्स 2022 में भारत ने कुल 61 पदक जीते थे, जिनमें 22 स्वर्ण पदक शामिल थे। इनमें से 30 पदक केवल छह खेलों- हॉकी, बैडमिंटन, क्रिकेट, टेबल टेनिस, कुश्ती और स्क्वैश से आए थे। इन छह खेलों में भारत ने 13 स्वर्ण पदक भी अपने नाम किए थे। हालांकि, ग्लास्गो 2026 के कार्यक्रम में इन सभी खेलों को शामिल नहीं किया गया है, जिससे भारत की पदक संभावनाओं पर सीधा असर पड़ सकता है।

सिर्फ 10 खेलों में होगा मुकाबला

ग्लास्गो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में इस बार केवल 10 खेलों का आयोजन किया जाएगा। इनमें एथलेटिक्स और पैरा एथलेटिक्स, स्विमिंग और पैरा स्विमिंग, आर्टिस्टिक जिम्नास्टिक, ट्रैक साइक्लिंग और पैरा साइक्लिंग, वेटलिफ्टिंग और पैरा पावरलिफ्टिंग, नेटबॉल, बॉक्सिंग, जूडो, लॉन बाउल्स और पैरा लॉन बाउल्स, साथ ही बास्केटबॉल और व्हीलचेयर बास्केटबॉल शामिल हैं।

इन खेलों से भारत को रहेंगी सबसे ज्यादा उम्मीदें

हालांकि कई पारंपरिक पदक दिलाने वाले खेल बाहर हो चुके हैं, फिर भी भारत को एथलेटिक्स, बॉक्सिंग, जूडो, वेटलिफ्टिंग, लॉन बाउल्स और पैरा पावरलिफ्टिंग में मजबूत प्रदर्शन की उम्मीद है। पिछले कॉमनवेल्थ गेम्स में इन खेलों से भारत ने 31 पदक जीते थे, जिनमें 8 स्वर्ण पदक शामिल थे।

मेडल टैली पर पड़ सकता है बड़ा असर

कुश्ती, बैडमिंटन, टेबल टेनिस और हॉकी जैसे खेलों की गैरमौजूदगी भारतीय दल के लिए बड़ी चुनौती साबित हो सकती है। इन खेलों में भारत वर्षों से लगातार पदक जीतता आया है। ऐसे में इस बार सीमित खेलों के कारण भारत की कुल पदक संख्या और स्वर्ण पदकों में कमी आने की संभावना जताई जा रही है। अब भारतीय खिलाड़ियों की जिम्मेदारी उन खेलों में और बढ़ जाएगी, जो इस संस्करण का हिस्सा हैं।


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