Subhadeep Ghosh: टीम इंडिया को मिला नया फील्डिंग कोच, सुभदीप घोष संभालेंगे जिम्मेदारी; श्रीलंका दौरे से करेंगे शुरुआत

नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम के सपोर्ट स्टाफ में बड़ा बदलाव किया गया है। आगामी श्रीलंका दौरे से पहले बीसीसीआई ने अनुभवी कोच सुभदीप घोष को टीम इंडिया का नया फील्डिंग कोच नियुक्त किया है। वह अब तक इस भूमिका में रहे टी दिलीप की जगह लेंगे। माना जा रहा है कि सुभदीप का कार्यकाल श्रीलंका दौरे से शुरू होगा और वे 2027 वनडे विश्व कप तक भारतीय टीम के साथ जुड़े रहेंगे।
टी दिलीप का कार्यकाल खत्म, नए चेहरे पर भरोसा
टी दिलीप का कार्यकाल इंग्लैंड दौरे के साथ समाप्त हो गया था। बीसीसीआई ने उनके कार्यकाल को आगे नहीं बढ़ाने का फैसला लिया और फील्डिंग विभाग की जिम्मेदारी अब सुभदीप घोष को सौंप दी है। हाल के विदेशी दौरों पर भारतीय टीम की फील्डिंग और कैच छोड़ने की घटनाओं को देखते हुए यह बदलाव महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
इंटरनेशनल क्रिकेट नहीं खेला, लेकिन कोचिंग में शानदार अनुभव
सुभदीप घोष भले ही भारत के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट नहीं खेल सके, लेकिन कोचिंग के क्षेत्र में उन्होंने मजबूत पहचान बनाई है। वह भारतीय महिला क्रिकेट टीम और भारतीय अंडर-19 टीम के फील्डिंग कोच रह चुके हैं। युवा खिलाड़ियों के साथ उनके काम की काफी सराहना हुई है और उन्होंने कई सफल अभियानों में टीम का मार्गदर्शन किया है।
आईपीएल और एनसीए का भी है अनुभव
घोष के पास इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) का भी अनुभव है। वह दिल्ली कैपिटल्स और कोलकाता नाइट राइडर्स के साथ फील्डिंग कोच के रूप में काम कर चुके हैं। इसके बाद उन्होंने बीसीसीआई की नेशनल क्रिकेट अकादमी (अब सेंटर ऑफ एक्सीलेंस) में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इसके अलावा वह इंडिया ‘ए’ टीम के साथ विदेशी दौरे पर भी फील्डिंग कोच की जिम्मेदारी निभा चुके हैं।
घरेलू क्रिकेट से कोचिंग तक का सफर
असम और रेलवे की ओर से घरेलू क्रिकेट खेलने वाले सुभदीप घोष का खिलाड़ी के रूप में करियर भले ही लंबा नहीं रहा, लेकिन कोचिंग में उन्होंने लगातार खुद को साबित किया। पिछले कई वर्षों से भारतीय क्रिकेट ढांचे का हिस्सा रहते हुए उन्होंने खिलाड़ियों की फील्डिंग क्षमता सुधारने पर विशेष काम किया है।
श्रीलंका दौरे से होगी नई शुरुआत
अब सभी की नजरें श्रीलंका दौरे पर रहेंगी, जहां सुभदीप घोष पहली बार टीम इंडिया के फील्डिंग कोच के रूप में मैदान पर दिखाई देंगे। भारतीय टीम को उम्मीद होगी कि उनके अनुभव का फायदा खिलाड़ियों की फील्डिंग में दिखाई दे और आने वाले बड़े टूर्नामेंटों में टीम का प्रदर्शन और मजबूत हो।


