Top
Begin typing your search above and press enter to search.
ताजा खबर

बाघों की सुरक्षा में तैनात होंगे स्निफर डॉग्स, वन विभाग की नई पहल, मीडिया में बटोर रहा सुर्खियां

Vpb
बाघों की सुरक्षा में तैनात होंगे स्निफर डॉग्स, वन विभाग की नई पहल, मीडिया में बटोर रहा सुर्खियां
X

रायपुर। छत्तीसगढ़ में बाघों की घटती संख्या को लेकर वन विभाग चिंतित है, और इस समस्या के समाधान के लिए एक नया कदम उठाया जा रहा है। राज्य में मौजूद केवल 17 बाघों की सुरक्षा के लिए अब स्निफर डॉग्स को तैनात किया जाएगा। इस निर्णय ने वन विभाग के नए कदम को लेकर एक नई बहस को जन्म दिया है।

डॉग स्क्वायड की स्थापना

वन विभाग के उच्च अधिकारियों के अनुसार, बाघों की सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए प्रदेश के विभिन्न सर्किलों में स्निफर डॉग्स की तैनाती की जाएगी। इसके लिए छह सर्किलों (दुर्ग, जगदलपुर, बिलासपुर, कांकेर, सरगुजा और रायपुर) में एक-एक डॉग स्क्वायड स्थापित किया जाएगा, जो वनों और वन्यप्राणियों से संबंधित अपराधों में सहायता करेगा। विभाग ने इस पर काम शुरू कर दिया है और एक सप्ताह के भीतर संबंधित अधिकारियों से प्रस्ताव मांगा है।


स्निफर डॉग्स के प्रशिक्षण की योजना

वन विभाग ने अपने पत्र में स्पष्ट किया है कि प्रस्ताव मिलने के बाद इसे WWF-India को भेजा जाएगा। यदि मंजूरी मिलती है, तो जनवरी में स्निफर डॉग्स के प्रशिक्षण सत्र में इन डॉग्स को शामिल किया जाएगा। साथ ही, विभाग ने यह भी कहा है कि यदि इस योजना को लागू करने के लिए बजट की आवश्यकता होती है, तो वह भी प्रस्ताव के साथ भेजा जाए।

पहले से तैनात स्निफर डॉग्स की उपलब्धि

वर्तमान में वन विभाग के पास चार स्निफर डॉग्स हैं, जो विभिन्न जिलों में तैनात हैं। इनमें से कांकेर और रायपुर के जंगल सफारी में जर्मन शेफर्ड डॉग रोजी और वीरा हैं, जबकि गोमर्दा में बेल्जियम शेफर्ड नस्ल की जूली और जेस्सी तैनात हैं। बता दें कि प्रदेश में वन विभाग का पहला स्निफर डॉग, सिम्बा (बेल्जियम मैलिनाइस) और नेरो (जर्मन शेफर्ड) ने मिलकर 22 मामलों को सुलझाया है और 98 अपराधियों को गिरफ्तार किया। हालांकि, सात साल की सेवा के बाद दोनों डॉग्स रिटायर हो गए थे।

वन विभाग ने पहले भी कई योजनाएं शुरू की थीं, जैसे जामवंत योजना, जिसमें जंगलों में जलस्रोतों का निर्माण और फलदार वृक्षों का रोपण शामिल था, लेकिन ये योजनाएं अपेक्षित परिणाम नहीं दे सकी। इसके अलावा, हाथियों के उत्पात से बचाने के लिए मधुमक्खी पालन योजना भी असफल रही।

सुरक्षा के नए उपाय और भविष्य

वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि बाघों और अन्य वन्य प्राणियों की सुरक्षा को लेकर वे लगातार नए कदम उठा रहे हैं। इस बार स्निफर डॉग्स के माध्यम से बाघों की सुरक्षा को और मजबूत किया जाएगा। वन्यप्रेमियों और विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के उपाय बाघों की सुरक्षा के लिए कारगर साबित हो सकते हैं, लेकिन विभाग को अपनी योजनाओं को अधिक प्रभावी तरीके से लागू करना होगा।

क्या कहते हैं पीसीसीएफ?

सुधीर अग्रवाल, पीसीसीएफ (प्रमुख मुख्य वन संरक्षक) ने कहा, "हम हर सर्किल स्तर पर डॉग स्क्वायड की स्थापना के लिए प्रस्ताव मंगवा रहे हैं। वन्य प्राणियों की सुरक्षा को लेकर लगातार काम जारी है।"


Next Story

Related Stories

All Rights Reserved. Copyright @2019
Powered By Hocalwire