Top
Begin typing your search above and press enter to search.

मोटापा-शुगर की बढ़ती चुनौतियों पर भोपाल में शेपिंग द फ्यूचर ऑफ ऑबेसिटी मेडिसिन सम्मेलन संपन्न

मोटापा-शुगर की बढ़ती चुनौतियों पर भोपाल में शेपिंग द फ्यूचर ऑफ ऑबेसिटी मेडिसिन सम्मेलन संपन्न
X

भोपाल। राजधानी की एक पंच सितारा होटल में रविवार को मोटापा, शुगर, मेटाबोलिक बीमारियों के इलाज और नई टेक्नोलॉजी के उपयोग पर शेपिंग द फ्यूचर ऑफ ऑबेसिटी मेडिसिन सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन में बेरिएट्रिक सर्जन डॉ. मोहित भंडारी,एंडोक्रिनोलॉजिस्ट डॉ. सचिन चित्तावार और वाशिंगटन यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर डॉ. डेविड कमिंग्स ने शिरकत की।

इसके अलावा भी इस सम्मेलन में देश-दुनिया के प्रतिष्ठित 100 डॉक्टर मौजूद रहे। सम्मेलन में बताया गया कि जीएलपी 1 एगोनिस्ट्स दवाएं और बेरिएट्रिक सर्जरी मोटापे के खिलाफ जंग में दो बड़े हथियार बनकर उभरे हैं। डॉ. चित्तावार ने बताया कि जीएलपी-1 एगोनिस्ट्स जैसे ओजेम्पिक और वेगोवी ने मोटापा प्रबंधन के तरीके को पूरी तरह बदल दिया है। ये दवाएं इंसुलिन उत्पादन बढ़ाने और वजन कम करने में कारगर साबित हुई हैं। सम्मेलन में बेरिएट्रिक सर्जरी, फार्माकोथेरेपी और जीवनशैली में बदलाव को मिलाकर मोटापा प्रबंधन के लिए ठोस समाधान खोजने पर चर्चा की गई।

इसके साथ ही नैतिकता और आर्थिक चुनौतियों पर भी विमर्श किया गया। डॉ. चित्तावार ने कहा, जीएलपी- 1 दवाएं और बेरिएट्रिक सर्जरी एक-दूसरे के पूरक हैं। दवाएं सर्जरी के बाद वजन स्थिर रखने में मदद करती हैं। यह मोटापे को नियंत्रित करने का भरोसेमंद तरीका भी है। उन्होंने कहा कि फास्ट फूड से मोटापा और मेटाबोलिक बीमारियों का खतरा तेजी से बढ़ा है।


Next Story
All Rights Reserved. Copyright @2019
Powered By Hocalwire