Breaking News
CG News : हाथी शावकों के शव मिलने का मामला, 3 संदिग्ध हिरासत में, पोस्टमार्टम रिपोर्ट से होगी खुलासा
IPL 2026 Full Squad: आईपीएल 2026 के सभी 10 टीमों का स्क्वाड, यहां देखें कौन से टीम में कौन से धुरंधर
LPG Crisis In India: गैस की किल्लत के बीच भारत की मदद को आगे आया यह देश, LNG सप्लाई का दिया प्रस्ताव
Create your Account
RSS chief Mohan Bhagwat: शक्ति हो तो दुनिया प्रेम की भाषा भी सुनती है, यह दुनिया का स्वभाव है, जिसे बदला नहीं जा सकता: मोहन भागवत
- Pradeep Sharma
- 17 May, 2025
RSS chief Mohan Bhagwat: नई दिल्ली/जयपुर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत ने कहा है कि भारत विश्व का सबसे प्राचीन देश है और उसकी भूमिका ‘बड़े भाई’ की है। भारत विश्व में शांति, सौहार्द और धर्म का प्रचार करने वाला राष्ट्र है।
RSS chief Mohan Bhagwat: नई दिल्ली/जयपुर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत ने कहा है कि भारत विश्व का सबसे प्राचीन देश है और उसकी भूमिका ‘बड़े भाई’ की है। भारत विश्व में शांति, सौहार्द और धर्म का प्रचार करने वाला राष्ट्र है। जयपुर के हरमाड़ा स्थित रविनाथ आश्रम में आयोजित एक सम्मान समारोह में पाकिस्तान के खिलाफ चलाए गए आपरेशन सिंदूर का जिक्र करते हुए कहा कि संघ प्रमुख ने कहा कि भारत के शक्ति संपन्न होना बहुत जरूरी है।
RSS chief Mohan Bhagwat: उन्होंने जोर देकर कहा कि धर्म और शांति का संदेश देने के लिए भी शक्ति आवश्यक है। डॉ. भागवत ने कहा कि भारत में त्याग की परंपरा रही है। हम भगवान श्रीराम से लेकर भामाशाह तक उन सभी महापुरुषों को पूजते हैं जिन्होंने समाज के लिए अपना सर्वस्व अर्पित किया। पाकिस्तान पर हुई हालिया सैन्य कार्रवाई का जिक्र करते हुए डॉ. भागवत ने कहा, भारत किसी से द्वेष नहीं रखता है, लेकिन दुनिया प्रेम और मंगल की भाषा तब ही सुनती है जब आपके पास शक्ति हो. यह इस दुनिया का स्वभाव है, जिसे बदला नहीं जा सकता। इसलिए विश्व कल्याण के लिए भारत को शक्ति संपन्न होना जरूरी है। डॉ. भागवत ने कहा, हमारी ताकत को अब विश्व देख चुका है।
RSS chief Mohan Bhagwat: हिंदू धर्म का कर्तव्य है विश्व कल्याण
डॉ. भागवत ने आगे कहा कि विश्व कल्याण हमारा धर्म है, विशेषकर हिंदू धर्म का तो यह पक्का कर्तव्य है। यह हमारी ऋषि परंपरा रही है, जिसे आज संत समाज आगे बढ़ा रहा है। कार्यक्रम के दौरान डॉ. भागवत ने संत रविनाथ महाराज के साथ अपने अनुभव साझा किए और कहा कि उनकी करुणा और प्रेरणा से संघ के स्वयंसेवकों को अच्छे कार्यों के लिए मार्गदर्शन मिलता है। इस अवसर पर भावनाथ महाराज द्वारा डॉ. मोहन भागवत को विशेष रूप से सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में संघ के प्रचारक, संतजन और श्रद्धालु उपस्थित रहे।
Related Posts
More News:
- 1. CG News : होली का जश्न बना मातम, नदी में नहाने उतरे 3 दोस्त, SBI कैशियर की डूबने से मौत
- 2. MP News : पांचवीं मंजिल से कूदकर युवक ने दी जान, परिजनों ने पुलिस पर लगाया ये आरोप
- 3. IND vs NZ T20 WC Final 2026: संजू सैमसन और अभिषेक शर्मा ने मचाई तबाही, ईशान ने भी ठोकी फिफ्टी, भारत ने न्यूजीलैंड के सामने रखा 256 रन का विशाल टारगेट
- 4. CG News: घरघोड़ा फारेस्ट रेंज में कुरकुट नदी में तैरती मिली 2 हाथियों की लाश,मौके पर पहुंचे अफसर
Leave a Comment
Your email address will not be published. Required fields are marked *
Popular post
Live News
Latest post
You may also like
Subscribe Here
Enter your email address to subscribe to this website and receive notifications of new posts by email.

