Ram Mandir: राम मंदिर ट्रस्ट में पहली बार बनेगा CEO, दान, प्रशासन और श्रद्धालुओं की व्यवस्था संभालेंगे अधिकारी

Ram Mandir: नई दिल्ली/अयोध्या: अयोध्या के श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने पहली बार मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) का पद बनाने का फैसला किया है। ट्रस्ट का उद्देश्य मंदिर के प्रशासन को अधिक पारदर्शी, व्यवस्थित और पेशेवर बनाना है। माना जा रहा है कि 22 जुलाई को होने वाली ट्रस्ट की बैठक में नए CEO के नाम का ऐलान किया जा सकता है। इसके लिए तीन सदस्यीय चयन समिति पहले ही बनाई जा चुकी है।
क्या होंगी CEO की जिम्मेदारियां?
CEO मंदिर में आने वाले दान और चढ़ावे का पारदर्शी प्रबंधन करेंगे। इसके लिए आधुनिक अकाउंटिंग सिस्टम और वित्तीय विशेषज्ञों की मदद ली जाएगी। इसके अलावा मंदिर में कार्यरत करीब 2,500 कर्मचारियों की निगरानी, सुरक्षा, सफाई, दर्शन व्यवस्था, निर्माण कार्य, सीसीटीवी और अन्य सुविधाओं की देखरेख भी उनके जिम्मे होगी। त्योहारों के दौरान लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ को व्यवस्थित करने के लिए वे जिला प्रशासन और पुलिस के साथ मिलकर काम करेंगे।
चयन में श्रद्धा भी होगी जरूरी
चयन समिति के अनुसार, इस पद के लिए प्रशासनिक अनुभव के साथ भगवान श्रीराम के प्रति श्रद्धा भी जरूरी होगी। ट्रस्ट का मानना है कि इससे मंदिर का संचालन बेहतर तरीके से हो सकेगा।
महाराष्ट्र में भी नया नियम
इसी बीच महाराष्ट्र सरकार ने रामटेक राम मंदिर ट्रस्ट के पुनर्गठन से जुड़ा विधेयक पारित किया है। इसके तहत ट्रस्टी बनने वाले व्यक्ति को यह घोषणा करनी होगी कि वह भगवान श्रीराम का भक्त है। हालांकि विपक्ष ने इस प्रावधान का विरोध करते हुए इसे असंवैधानिक बताया है और इसकी प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं।


