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Raipur City News : रायपुर में 5 दिन तक गूंजेगा मंत्रोच्चार, 21 जून से शुरू होगा भव्य अघोर महोत्सव एवं श्री यज्ञ अनुष्ठान

श्रीधाम सुमेरू मठ में देशभर से जुटेंगे श्रद्धालु, अखंड धुनी, यज्ञ और विशेष साधना का होगा आयोजन

Raipur City News : रायपुर में 5 दिन तक गूंजेगा मंत्रोच्चार, 21 जून से शुरू होगा भव्य अघोर महोत्सव एवं श्री यज्ञ अनुष्ठान
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Raipur City News : रायपुर। राजधानी रायपुर एक बार फिर आध्यात्मिक ऊर्जा और धार्मिक आस्था का केंद्र बनने जा रही है। अघोर पीठाधीश बाबा श्री रुद्रानंद प्रचंड वेग नाथ के पावन सान्निध्य में 21 जून से 25 जून तक अघोर महोत्सव एवं श्री यज्ञ अनुष्ठान का भव्य आयोजन किया जाएगा। यह आयोजन पुरानी बस्ती स्थित श्रीधाम सुमेरू मठ, औघड़नाथ दरबार में संपन्न होगा।

आयोजकों के अनुसार, यह विशेष अनुष्ठान असम स्थित कामाख्या शक्तिपीठ में धरती माता के रजस्वला काल के पावन अवसर पर प्रतिवर्ष आयोजित किया जाता है। इस वर्ष भी 21 जून की सुबह 4 बजे से शुरू होकर 25 जून की रात 2 बजे तक यज्ञ, साधना, पूजा-अर्चना और आध्यात्मिक कार्यक्रमों का सिलसिला लगातार जारी रहेगा।


श्रीयंत्र आधारित मठ की विशेष पहचान-

प्रोफेसर कॉलोनी स्थित सुमेरू मठ अपनी अनूठी वास्तुकला और आध्यात्मिक महत्व के लिए प्रसिद्ध है। मठ का गुंबद श्रीयंत्र की संरचना पर आधारित है, जिसमें 43 त्रिकोणों के भीतर पारद शिवलिंग स्थापित किए गए हैं। श्रद्धालुओं का मानना है कि यह संरचना सकारात्मक ऊर्जा का विशेष केंद्र है। मठ में रसेश्वर महादेव स्वरूप में भगवान शिव की पूजा की जाती है। यहां वर्षों से अखंड धुनी प्रज्वलित है और नियमित रूप से अग्निहोत्र एवं धार्मिक अनुष्ठान संपन्न होते हैं। विशेष अवसरों पर होने वाली साधनाओं में शामिल होने के लिए दूर-दूर से श्रद्धालु पहुंचते हैं।

महिला शिष्या निभाती हैं प्रमुख धार्मिक दायित्व-

इस मठ की एक अनूठी परंपरा यह भी है कि यहां पूजा, आरती, भोग और अग्निहोत्र का संचालन बाबा औघड़नाथ की शिष्या द्वारा किया जाता है, जिन्हें श्रद्धालु स्नेहपूर्वक “माँ” कहकर संबोधित करते हैं।

भंडारा, सेवा और सनातन संस्कृति का केंद्र-

मठ में प्रतिदिन भंडारे का आयोजन होता है, जिसमें श्रद्धालुओं के साथ-साथ पशुओं के लिए भी भोजन की व्यवस्था की जाती है। जरूरतमंदों को भोजन वितरण के अलावा यहां ध्यान, योग, आयुर्वेद और सनातन संस्कृति की शिक्षा भी दी जाती है। आयोजकों का कहना है कि इस वर्ष महोत्सव में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है, जिससे रायपुर में आध्यात्मिक वातावरण और भी भक्तिमय हो जाएगा।


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