Raipur City News: अंतरराष्ट्रीय दिव्यांग दिवस का बहिष्कार, पुलिस ने रोका पैदल मार्च, दिव्यांगजनों में आक्रोश
Raipur City News: रायपुर: 3 दिसंबर को छत्तीसगढ़ दिव्यांग सेवा संघ ने अंतरराष्ट्रीय दिव्यांग दिवस के अवसर पर राज्य सरकार और प्रशासन के खिलाफ एक ऐतिहासिक दिव्यांगजन स्वाभिमान पैदल मार्च आयोजित करने का ऐलान किया था। यह मार्च मरीन ड्राइव रायपुर से मुख्यमंत्री निवास तक जाने वाला था, लेकिन पुलिस ने टिकरापारा स्थित साहू भवन में दिव्यांग संघ के लोगों को रोक लिया। इस घटना के बाद दिव्यांगजन सैकड़ों की संख्या में सड़क पर जमा हुए और जमकर नारेबाजी की।
दिव्यांग संघ के सदस्य काली पट्टी बांधकर अपनी मांगों के समर्थन में सशक्त रूप से विरोध जता रहे थे। संघ के प्रतिनिधिमंडल ने शासन-प्रशासन के उच्च अधिकारियों से पहले ही मिलकर अपनी छह प्रमुख मांगें रखी थीं, जिसमें दिव्यांगजनों के अधिकारों की रक्षा और शासन की उपेक्षा के खिलाफ नाराजगी व्यक्त की गई थी।
संघ की प्रमुख मांगें:
-राज्य मेडिकल बोर्ड से दिव्यांगता का भौतिक परीक्षण कराकर फर्जी दिव्यांग शासकीय कर्मचारियों को बर्खास्त किया जाए।
-दिव्यांगजनों को प्रतिमाह ₹5000 पेंशन दी जाए और बीपीएल की बाध्यता को खत्म किया जाए।
-18 वर्ष से ऊपर की अविवाहित दिव्यांग युवतियों/महिलाओं को महतारी बंदन योजना में शामिल किया जाए।
-दिव्यांगजन विशेष भर्ती अभियान चला कर शासकीय पदों पर जल्द नियुक्ति की जाए।
-शासकीय दिव्यांग कर्मियों को पदोन्नति में 4 प्रतिशत आरक्षण दिया जाए।
-बेरोजगार दिव्यांगों को बिना गारंटर लोन दिया जाए और कोरोना पूर्व दिए गए ऋण माफ किए जाएं।
दिव्यांग सेवा संघ ने इस मार्च के दौरान शासन की नाकामियों और दिव्यांगजनों के अधिकारों के उल्लंघन की घटनाओं को उजागर करने का निर्णय लिया था। उन्होंने राज्य सरकार से दिव्यांगजनों के खिलाफ हो रहे अत्याचारों और फर्जी दिव्यांग प्रमाण पत्र बनाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

