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Raas Garba 2025: एशियन न्यूज और न्यूजप्लस 21 के रास गरबा महोत्सव में पहुंचे सीएम विष्णुदेव साय, कहा- नवरात्रि उत्साह, उमंग और सद्भावना बढ़ाने का पर्व…

सीएम ने कहा कि रायपुर शहर गरबा के रंग में सराबोर दिखाई दे रहा है। हर तरफ शक्ति की भक्ति का उमंग, उत्साह देखते ही बन रहा है।

Raas Garba 2025: एशियन न्यूज और न्यूजप्लस 21 के रास गरबा महोत्सव में पहुंचे सीएम विष्णुदेव साय, कहा- नवरात्रि उत्साह, उमंग और सद्भावना बढ़ाने का पर्व…
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Raas Garba 2025: रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के ओमाया गार्डन रिज़ॉर्ट में रास गरबा-2025 के समापन अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय शामिल हुए। उन्होंने मातारानी का दर्शन कर प्रदेश की सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना की। सीएम ने कहा कि रायपुर शहर गरबा के रंग में सराबोर दिखाई दे रहा है। हर तरफ शक्ति की भक्ति का उमंग, उत्साह देखते ही बन रहा है।

बता दें कि एशियन न्यूज और न्यूजप्लस 21 द्वारा मध्य भारत का सबसे भव्य ‘रास गरबा-2025’ महोत्सव का आयोजन ओमाया गार्डन रिज़ॉर्ट में किया गया। 29 सितंबर को कार्यक्रम के समापन पर सीएम विष्णुदेव साय पहुंचे। सीएमडी सुबोध सिंघानिया और एमडी हर्षित सिंघानिया ने पुष्प गुच्छ देकर और शाल ओढ़ाकर सीएम का स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने सनातन संस्कृति और मां शक्ति की भक्ति के इस ऐतिहासिक आयोजन के लिए सीएमडी सुबोध सिंघानिया और एशियन न्यूज-न्यूजप्लस 21 की पूरी टीम को बधाई दी।

माता के आशीर्वाद से प्रदेश प्रगति के पथ पर प्रदेशवासियों को शारदीय नवरात्र की शुभकामनाएं देते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि नवरात्रि उत्साह, उमंग और सद्भावना बढ़ाने का पर्व है। यह पर्व सामाजिक समरसता को और मजबूत करता है और जन-जन में ऊर्जा का संचार करता है। उन्होंने कहा कि हमारे छत्तीसगढ़ में देवी को विभिन्न स्वरूपों में पूजा जाता है और मातृशक्ति के आशीर्वाद से प्रदेश निरंतर उन्नति के पथ पर अग्रसर है। शक्ति की भक्ति में लोग डूबे हुए हैं और यहां आकर आध्यात्मिक सुकुन मिला।

प्रदेश में अनेक स्वरूपों में माता विराजमान मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि दंतेवाड़ा में मां दंतेश्वरी, धमतरी में मां अंगारमोती एवं बिलईमाता, सरगुजा और रतनपुर में मां महामाया, डोंगरगढ़ में मां बम्लेश्वरी जैसे अनेक स्वरूपों में माता प्रदेश में विराजमान हैं। इन सभी शक्तिपीठों का आध्यात्मिक महत्व न केवल प्रदेश की आस्था को मजबूत करता है बल्कि सांस्कृतिक धरोहर के रूप में भी छत्तीसगढ़ को विशिष्ट पहचान प्रदान करता है। मुख्यमंत्री ने सनातन परंपरा से जुड़े ऐसे ऐतिहासिक आयोजनों की प्रशंसा भी की।


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